डलहौजी (चंबा)। कोरोना काल में पर्यटन नगरी डलहौजी बिना सैलानियों के सूनी पड़ी है। नतीजतन, डलहौजी में 95 फीसदी होटल मालिकों ने अपना स्टाफ घर भेज दिया है। पर्यटकों के न आने से हो रहे घाटे को देखते हुए होटल कारोबारियों ने यह कदम उठाया है। वहीं, दूसरी ओर कुछ होटल मालिकों ने साफ-सफाई के लिए इक्का-दुक्का स्टाफ को ही काम पर रखा है।
गौरतलब है कि वैश्विक महामारी कोरोना ने होटलियर्स का कारोबार पूरी तरह से चौपट कर दिया है। बीते वर्ष भी कोरोना महामारी के चलते जहां होटल कारोबारियों को एक साल नुकसान उठाना पड़ा तो वहीं, कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते प्रकोप ने अब फिर होटल कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इससे होटल मालिकों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है।
ऐसे में हमेशा पर्यटकों से गुलजार रहने वाली पर्यटन नगरी डलहौजी वर्तमान समय में पर्यटकों के बिना सुनसान पड़ी है। कोरोना की मार ने मानवीय क्षति के साथ-साथ होटल व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कर्ण मोंगा ने कहा कि पर्यटन नगरी डलहौजी में 95 फीसदी होटल कारोबारियों ने स्टाफ को घर भेज दिया है। जबकि, कुछेक होटल कारोबारियों ने इक्का-दुक्का स्टाफ को ही होटलों में रखा है। कहा कि पिछले साल भी होटल संचालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।