चंबा। प्रदेश में एक साथ शुरू किए गए चार मेडिकल कॉलेजों में से चंबा मेडिकल कॉलेज में सबसे कम आठ सीनियर रेजिडेंट सेवाएं दे रहे हैं। जबकि नाहन, हमीरपुर और मंडी मेडिकल कॉलेज में चालीस से पचास सीनियर रेजिडेंट सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन, चंबा मेडिकल कॉलेज को चार साल से आठ सीनियर रेजिडेंट के सहारे चलाया जा रहा है। इससे पता चलता है कि प्रदेश सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के पद भरने को लेकर कितनी गंभीर है।
प्रदेश भर में चंबा मेडिकल कॉलेज एक ऐसा मेडिकल कॉलेज है, जहां पर सौ डॉक्टरों की कमी चल रही है। सौ डॉक्टर क्लीनिकल विभागों से संबंधित हैं, जिनके बिना मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। जबकि, नॉन क्लीनिकल विभागों में डॉक्टरों की संख्या पर्याप्त है। लेकिन, ये चिकित्सक केवल प्रशिक्षुओं को पढ़ाने तक ही सीमित हैं जबकि, क्लीनिक विभागों में तैनात चिकित्सक प्रशिक्षुओं को पढ़ाने के साथ-साथ मरीजों का इलाज करने की भूमिका भी निभा रहे हैं।
गौरतलब है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का चौथा सत्र चला हुआ है। अगले वर्ष कॉलेज में एमबीबीएस का पांचवां सत्र शुरू हो जाएगा लेकिन, सरकार रिक्त पदों को भरने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेता भी मौन धारण किए बैठे हैं। ऐसा लगता है कि इन दोनों राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को इस मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है। हालात यह हैं कि मेडिकल कॉलेज चंबा से डॉक्टरों के अभाव में मरीज टांडा रेफर किए जा रहे हैं। जो डॉक्टर यहां तैनात हैं वे अपनी तरफ से मरीजों को संपूर्ण सेवाएं देने में डटे हैं। उसके बावजूद मरीजों को चंबा में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है पौने छह लाख आबादी
जिले की पौने छह लाख की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज पर निर्भर करती है लेकिन, प्रदेश सरकार लोगों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। डॉक्टरों के रिक्त पदों की वजह से मरीजों को आज भी टांडा या फिर आईजीएमसी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सरकार से की है पदों को भरने की मांग: डॉ. भारती
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि डॉक्टरों के रिक्त पदों के बारे में सरकार को लिखित रूप से पत्र भेजकर अवगत करवा दिया गया है। सरकार से चंबा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की तैनाती करने की मांग की है। इस संबंध में चंबा दौरे पर आए मेडिकल एजुकेशन निदेशक से भी बात की गई।