चंबा। जिले के सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाएं जांच करने वाले विंग स्टाफ में जहां उपनिदेशक का पद खाली है तो वहीं, अब इंस्पेक्शन विंग के दोनों प्रधानाचार्यों के पद भी करीब चार माह से खाली चल रहे हैं। इन पदों पर सेवाएं दे रहे अधिकारियों में से एक को प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है तो वहीं दूसरे प्रधानाचार्य को गर्ल्स स्कूल चंबा का प्रधानाचार्य बनाया गया है। बहरहाल, अब इंस्पेक्शन विंग में सिर्फ दो खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ही रह गए हैं जो सिर्फ प्राइमरी स्कूलों में ही निरीक्षण करने तक सीमित हैं। इंस्पेक्शन विंग का चार्ज उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क को सौंपा गया है। ऐसे में दोहरी जिम्मेदारी होने के चलते वे निरीक्षण के लिए समय कम ही निकाल पाते हैं। इस मजबूरी में उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में निरीक्षण नहीं हो पा रहा है। इसके चलते स्कूलों में फैली अव्यवस्थाओं की जांच का कार्य पूरी तरह से थम गया है।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में तैनात स्टाफ और स्कूल की खामियों को उजागर करने के लिए इंस्पेक्शन विंग का गठन किया है जिससे खामियों को दुरुस्त किया जा सके लेकिन स्टाफ की कमी के कारण यह कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि सरकार को भी इसके बारे में जानकारी है लेकिन अधिकारियों की तैनाती नहीं की जा रही है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि निरीक्षण विंग के दो प्रधानाचार्यों के पद खाली हैं। इसके बारे में सरकार और उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।