चंबा। शहरवासियों के विरोध के बाद अब नगर परिषद चंबा के निर्वाचित पार्षद भी नए गृह कर प्रणाली के विरोध में उतर आए हैं। नगर परिषद के सभी पार्षदों ने पुरानी गृह कर प्रणाली को यथावत लागू रखने की वकालत की है जबकि नए गृह कर की दरों को लागू न करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
हाउस की बैठक में सभी पार्षदों ने एकमत होकर यह प्रस्ताव पारित किया। दरअसल, नगर परिषद पिछले करीब डेढ़ साल से नए गृह कर की दरों को लागू करने के लिए प्रयासरत थी। इसके लिए शहर के लोगों से भी विचार-विमर्श किया गया। नए गृह कर दरों को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष रहा लेकिन अब नगर परिषद के पार्षद भी नई गृह कर की दरों के खिलाफ हो गए है। जानकारी के अनुसार नए गृह कर की दरों को लेकर नगर परिषद की ओर से सर्वे करवाया गया था। सर्वे की रिपोर्ट में भी खामियां सामने आईं। इसके बाद इन खामियों को दुरुस्त करने में ही काफी समय लग गया। गत वर्ष नई गृह कर की दरों को लागू करने के लिए प्रयास शुरू हुए लेकिन लोगों के विरोध के कारण ये दरें लागू नहीं हो पाईं। मसलन, मामला ठंडे बस्ते में ही रह गया।
ये हैं पुरानी दरें
नगर परिषद चंबा की ओर से पुरानी दरों के हिसाब से ही हाउस टैक्स लेने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत पांच सौ से लेकर पचास हजार तक हाउस टैक्स वसूलने का प्रावधान है जबकि नई दरों में यह राशि तीस प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। दरें बढ़ना ही विरोध का कारण बन रहा है।
शहर में है 11 वार्ड, चार हजार से अधिक मकान
नगर परिषद चंबा के तहत सुल्तानपुर, कसाकड़ा, चौगान, धड़ोग, सपड़ी, सुराड़ा, चौंतड़ा, जनसाली, हरदासपुरा, हटनाला और जुलाहकड़ी वार्ड हैं। शहर में चार हजार से अधिक मकान हैं जहां से हर वर्ष गृह कर नगर परिषद वसूल रही है।
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैयर का कहना है कि नई गृह कर दरों को लागू न करने के लिए हाउस में प्रस्ताव पारित किया गया है। कहा कि सभी पार्षदों ने इसका विरोध किया है। पुरानी दरों के हिसाब से गृह कर लेने की वकालत प्रस्ताव में की गई है।