होली में हत्या के दो दिन बाद भी महिला का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। महिला का शव रविवार को दिन भर चंबा अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में पड़ा रहा, लेकिन चिकित्सकों का पैनल गठित नहीं हो पाया। आखिर में दोपहर बाद स्वास्थ्य विभाग ने हाथ खड़े कर दिए और शव टांडा ले जाने को कहा। हत्यारोपी चुनी लाल उर्फ कमल ने मां के साथ दुष्कर्म की बात कबूल की है। ऐसे में पुलिस महिला का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ से करवाना चाहती है, लेकिन चंबा अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हो पाए। होली से शव के साथ आए चौकी प्रभारी प्रीतम शर्मा ने बताया कि चंबा में कोई भी विशेषज्ञ इस पर राय देने के लिए तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह हत्या और दुष्कर्म दोनों का मामला है। यदि अस्पताल प्रशासन का सहयोग मिल जाता तो महिला का अंतिम संस्कार रविवार को ही हो सकता था। उधर, महिला का शव लेने पहुंची उसकी बेटी रेशमा पत्नी मनोज ने भी अस्पताल में खूब हंगामा किया। रेशमा ने पुलिस पर कई सवाल उठाए।
उन्होंने चंबा अस्पताल प्रबंधन पर भी पोस्टमार्टम न करने के आरोप लगाए। इस बीच शाम करीब चार बजे पुलिस चंबा से महिला का शव लेकर टांडा के लिए रवाना हुई है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीआर कौशल का कहना है कि पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञ कमेटी की जरूरत थी। रविवार को छुट्टी की वजह से यह कमेटी नहीं बन पाई। ऐसे में शव टांडा ले जाने को कहा।