चंबा की पांगी घाटी में सघन पल्स पोलियो अभियान को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। पल्स पोलियो वैक्सीन लेकर गई विभागीय गाड़ियां मौसम खराब होने के चलते आधे रास्ते से लौट आईं। इससे करीब 1494 बच्चे दवाई पीने से वंचित रह गए।
29 जनवरी रविवार को प्रदेशभर में पल्स पोलियो अभियान चलाया गया। विभाग ने पांगी घाटी में पल्स पोलियो अभियान को अमलीजामा पहुंचाने के लिए वैक्सीन से भरी गाड़ियां पांगी भेजी। रास्तों में ल्हासे गिरने और खराब मौसम के कारण गाड़ियां आगे नहीं जा सकी।
इससे क्षेत्र पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान से वंचित रह गया। घाटी के संपर्क मार्गों में भारी बर्फ जमी है। संभावना है कि अब लाहुल स्पीति की तर्ज पर आगामी समय में मौसम खुलने पर पल्स पोलियो अभियान आयोजित किया जाए।
इन दिनों पांगी घाटी भारी बर्फबारी की चपेट में है। भौगोलिक दृष्टि से यहां पर प्रवेश और बाहर आने के लिए चंबा-साच मार्ग, चंबा-पठानकोट वाया जेएंडके मार्ग और कुल्लू-मनाली वाया रोहतांग मार्ग ही मौजूद है। इनमें से साच पास और रोहतांग पास मार्ग तो मई माह के बाद ही खुलेंगे। लेकिन पठानकोट वाया जेएंडके मार्ग भी संसारी नाला के पास ल्हासे गिरने से अवरुद्ध है। ऐसे में इस अभियान को सुचारु नहीं चलाया जा सका।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी चंबा डॉ. राम कमल ने बताया कि पांगी घाटी में भौगोलिक दृष्टि से अभी पहुंच पाना लगभग मुश्किल है। विभाग ने इसकी कोशिश की थी लेकिन पांगी नहीं जा पाए।
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