चंबा। कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता में पंचायत प्रतिनिधियों की सूझबूझ अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक बन रही है। मामला राजपुरा पंचायत के फोल्गत गांव का है। फोल्गत गांव में डेढ़ साल में कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसका कारण यह है कि ग्रामीण सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालना करते हैं। पिछले महीने गांव में तीन शादियां थी, लेकिन वार्ड पंच के कहने पर परिवारों ने उन्हें रद्द कर दिया।
इतना ही नहीं, गांव के लोग अनावश्यक तौर पर न गांव के बाहर जाते हैं और न ही किसी बाहरी व्यक्ति को गांव के अंदर घुसने देते हैं। इसके चलते अभी तक गांव में कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। सरकार और प्रशासन की ओर से कोरोना को लेकर जो भी आदेश जारी किए जाते हैं, वार्ड पंच उन आदेशों की अपने वार्ड में लोगों से पूरी तरह पालना करवाते हैं। इसमें उन्हें गांव के लोगों का भी भरपूर सहयोग मिलता है। वार्ड पंच जितेंद्र राणा ने बताया कि कोरोना संक्रमण को हराने के लिए फोल्गत गांव के लोग पूरी तैयारियों के साथ डटे हुए हैं। पंचायत प्रधान और वार्ड मेंबर मिलकर गांव में कोविड की रोकथाम को लेकर दिशा-निर्देश जारी करते हैं। इन आदेशों की वार्ड के सभी लोग पालना करते हैं।
वार्ड पंच का कहना है कि लोगों को समझाया गया है कि कोरोना महामारी में शादी और मुंडन समारोह को टालकर आगामी समय में सामान्य हालातों में ही आयोजित करें।
विकास खंड अधिकारी ओपी ठाकुर ने कहा कि फोल्गत गांव में डेढ़ वर्ष से कोरोना संक्रमित मामला न आने का श्रेय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का जाता है। उन्होंने कहा कि नियम कठोर होने और उनका पालन होने से इस वैश्विक महामारी से बचा जा सकता है।