चंबा। जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक मंगलवार को हुई बैठक में मेडिकल कॉलेज चंबा में स्वास्थ्य सेवाओं का मामला उठा। बैठक में जिला परिषद की अध्यक्ष डॉ. नीलम कुमारी ने कहा कि चंबा मेडिकल के आपात कक्ष में बीमार नवजातों का प्रशिक्षु डॉक्टरों से इलाज किया जा रहा है।
उन्हाेंने आरोप लगाया कि इससे कई बार नवजात शिशुओं की तबीयत बिगड़ रही है। इस पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि छह माह से कम आयु के बच्चे अगर आपातकालीन कक्ष में उपचार के लिए आएं तो उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सक से उपचार देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी न पेश आए। चुनाव से पहले जिला परिषद की यह अंतिम बैठक थी।
इस बैठक में पूर्व में पारित हुए समस्त प्रस्तावों को खारिज किया जाए। बैठक में स्कूलों में लड़कियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिलाने के बारे में सहित अन्य विकासात्मक मुद्दों पर चर्चा की गई।
साथ ही वर्ष 2025 का 40,47,491,394 रुपये आपातकालीन कार्याें के लिए मनरेगा का शेल्फ जिला विकास अधिकारी कार्यालय चंबा के माध्यम से प्राप्त हुआ और सदन द्वारा इसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया।
बैठक में आपात कालीन समय में हुए लोगों के नुकसान को राहत सामग्री और राशि समय अनुसार प्रदान करने के बारे में विभाग से तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश भी जारी किया। इस मौके पर विभिन्न वार्डाें के जिला परिषद सदस्य सहित अधिकारी मौजूद रहे।