मेडिकल कॉलेज चंबा में शुरू की नई व्यवस्था
नवजात की अदला-बदली का नहीं रहेगा कोई सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मेडिकल कॉलेज में पहली बार अब नवजात शिशुओं के जन्म के उपरांत हाथों में टैग लगाए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने ये व्यवस्था नवजात के अदला-बदली करने के आरोपों के बाद की है। इसके लिए बाकायदा चिकित्सा अधीक्षक की ओर से लिखित आदेश जारी किए गए हैं। इस प्रकार की व्यवस्था हो जाने के बाद अब अस्पताल में नवजात शिशुओं की अदला-बदली नहीं होगी। साथ ही यहां पर पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं समेत उनके परिजनों को भी किसी प्रकार की कोई शंका नहीं रहेगी।
गौरतलब है कि संस्थागत प्रसव करवाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई प्रकार के कार्यक्रम क्रियान्वित किए गए हैं जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण अब ये है कि गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन घरों में ही दवाइयों या अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से प्रसव करवाने के बजाय स्वास्थ्य संस्थानों को ही तवज्जो दे रहे हैं। आलम यह है कि बीते एक वर्ष के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में हर 80 से 100 तक महिलाओं के सुरक्षित प्रसव होते आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा समेत सिविल अस्पताल तीसा, भरमौर, पांगी, चुवाड़ी, डलहौजी, बाथरी में हैं। यहां पर संस्थागत प्रसव करवाने वाली महिलाओं की साल दर साल बढ़ोतरी हो रही हैं। इसके अलावा कई महिलाओं के निजी अस्पतालों में भी सुरक्षित प्रसव होते हैं। ऐसे में अब मेडिकल कालेज चंबा में जन्म लेने वाले नवजातों को टैग लगाए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज चंबा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपन ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज चंबा में प्रसव के बाद नवजात बच्चों की टैगिंग की जाएगी, जिसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।