भरमौर उपमंडल पंचायतीराज चुनाव के नजदीक आते ही विवाद भी सामने आने लगे हैं। पंचायतों में बनी मतदाताओं की सूची से रसूखदार लोगों के नाम गायब हो गए हैं जिस पर लोगों में भारी आक्रोश है। लोग रोस्टर जारी होने में देरी और तुरंत बाद चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति से जूझ रहे हैं।
पूलन पंचायत के सुनील कुमार ने बताया कि पिछली बार उनकी पत्नी ने इसी पंचायत से प्रधान का चुनाव लड़ा था और बहुत कम मतों से वह इस पद से वंचित रह गई थी।
इस बार वे खुद प्रधान पद का चुनाव लड़ना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने चुनाव की संभावना के मद्देनजर प्रचार भी शुरू कर दिया था लेकिन उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है। इससे वे न तो चुनाव में हिस्सा ले पाएंगे और न ही मतदान कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि राजनीतिक पहुंच रखने वाले उनके विरोधियों ने इस कार्य को अंजाम दिया है।
उधर, भरमौर के पंचायत निरीक्षक जोगेंद्र कुमार का कहना है कि अब किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल करना मुश्किल है। भरमौर दस नवंबर तक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है।