नगर परिषद चंबा में हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच कांग्रेस पदाधिकारियों की ताजपोशी हुई है। कांग्रेस के पास भरपूर समर्थन होने के बावजूद अध्यक्ष पद का चुनाव निर्विरोध नहीं हो पाया। मतदान से कांग्रेस समर्थित नीलम नैय्यर को अध्यक्ष पद पर चुना गया है। शपथग्रहण के मौके पर उपाध्यक्ष के लिए पार्टी से दो उम्मीदवार खड़े हो गए। आपसी सहमति न बनने के बाद सभी पार्षदों ने वॉकआउट कर दिया।
चंबा नगर परिषद के ग्यारह वार्ड हैं जिनमें से आठ पर कांग्रेसी पार्षद चुनाव जीत कर आए हैं। यह सभी पार्षद सोमवार को शपथग्रहण समारोह और उसके बाद होने वाले अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में मौजूद थे। शपथग्रहण के बाद धड़ोग वार्ड से चुनाव जीते व पूर्व उपाध्यक्ष जितेंद्र सूर्या ने उन्हें उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पार्षदों के समक्ष रखा लेकिन अन्य पार्षदों ने नीलम नैय्यर को अध्यक्ष और मोहित ढल्ल को उपाध्यक्ष बनाने की बात पर इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे बौखलाहट में जितेंद्र सूर्या ने सदन का बहिष्कार कर दिया और एक अन्य पार्षद के साथ वॉकआउट कर गए। इसके बाद कांग्रेस के पार्षदों की संख्या कम होकर छह रह गई।
इस बीच उम्मीद बंधती देखकर भाजपा पार्षद धन्नो देवी ने भी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। उधर, जितेंद्र सूर्या को उपाध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी के किसी भी दूसरे पार्षद ने समर्थन नहीं दिया जिससे उनका उपाध्यक्ष का नामांकन रद्द कर दिया गया और मोहित ढल्ल को सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुन लिया गया। जबकि तीन बजे अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में सदन में कुल दस सदस्य उपस्थित हुए। जबकि भाजपा पार्षद मनेंद्र सिंह इस मतदान में शामिल नहीं हुए। आठ पार्षदों ने कांग्रेस समर्थित नीलम नैय्यर के पक्ष में मतदान किया।
उधर, उपाध्यक्ष न बन पाए जितेंद्र सूर्या ने पार्टी पदाधिकारियों पर उनके साथ राजनीति करने के आरोप लगाए। इस मौके पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने शहर के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही है।