लोक सुरों के साथ पंजाबी बीट्स से सराबोर रही मिंजर मेले की सातवीं सांस्कृतिक संध्या
लोकगीतों के राजा हेमंत शर्मा और पहाड़ी गायिका पूनम भारद्वाज की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। तेरे बिन नहीं लगदा दिल मेरा ढोलणा... की गूंज के साथ ऐतिहासिक चौगान सुरों के समंदर में बदल गया।
मिंजर मेले की सातवीं सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड की चमक, हिमाचली लोकधुनों की मिठास और पंजाबी बीट्स का ऐसा संगम देखने को मिला कि हजारों दर्शक देर रात तक संगीत के रंग में डूबे रहे। शाम ढलते ही ऐतिहासिक चौगान में हजारों दर्शकों की मौजूदगी के बीच कार्यक्रमों का आगाज हुआ। पार्श्व गायिका असीस कौर ने दमदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पार्श्व गायिका असीस कौर ने तेरी मेरी गल्लां होंगी मशहूर, छुप-छुप के देखा कर तू मुझे सारी-सारी रात, अंख लड़ जावे, तेरे बिन नहीं लगदा दिल मेरा ढोलणा, मधाणियां और हुई मैं मलंग-मलंग जैसे लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
इससे पहले लोकगीतों के राजा हेमंत शर्मा ने हो बे लालिए हो, लाल तेरे होठडू... की मधुर तान छेड़ी तो पूरा चौगान तालियों की गड़गड़ाहट और सीटियों की गूंज से गूंज उठा। उन्होंने झूमी-झूमी रूती जातर सहित अपने कई लोकप्रिय पहाड़ी लोकगीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर पूरे माहौल को लोक रंग में रंग दिया। उनकी हर प्रस्तुति पर दर्शकों ने जोरदार तालियों से उत्साहवर्धन किया। इसके बाद मंच पर पहुंचीं पहाड़ी गायिका पूनम भारद्वाज ने अपनी सुरीली आवाज से समां बांध दिया। डफली वाले डफली बजा और जोता पर बंगला पुआणा हो बाबूआ जैसे गीतों पर दर्शक देर तक झूमते रहे। हिमाचली लोक गायक उमेश ठाकुर ने लाल तेरा साफा, मेरा गहरा रंगाई दे रूमाल, खाना खाई ले मेरे साजना और अज छतराड़ी, कल राखा जैसे गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को लोक संस्कृति से रूबरू कराया।
सांस्कृतिक संध्या में एकलव्य कला मंच के कलाकारों ने लोकगीतों की धुन पर जोशीला भांगड़ा प्रस्तुत कर कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। उनकी दमदार प्रस्तुति से प्रभावित होकर कई दर्शक भी अपनी सीटों से उठकर नाचने लगे। तालियों, सीटियों और उत्साह के बीच पूरा चौगान देर रात तक गुलजार रहा।
इससे पहले दोपहर दो बजे से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नन्हे कलाकारों और युवा प्रतिभाओं ने रंगारंग नृत्य, समूहगान और लोक प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। वहीं अजय एंड पार्टी ने हिमाचल की समृद्ध लोक परंपरा को जीवंत करते हुए पारंपरिक कुंजड़ी-मल्हार की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर खूब सराहना बटोरी।