चंबा। जिला मुख्यालय में बुधवार को बारिश ने खूब कहर बरपाया। वहीं, नगर परिषद की व्यवस्थाओं की पोल भी खुल गई। भारी बारिश से मुगला नाले के बढ़े जलस्तर से लोगों के घरों और खेतों में कीचड़ और मलबा घुस गया। वहीं, मलबे की जद में आने से एक कार और बाइकें भी दब गईं। इस दौरान हाईवे से अपर मुगला मोहल्ले के लिए बनाया गया 150 मीटर का कंकरीट मार्ग पानी के बहाव से पूरी तरह उखड़ गया। लिहाजा, मोहल्लावासियों ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं।
गौरतलब है कि जिले में बुधवार दोपहर बाद मौसम के बदले मिजाज ने मुगला मोहल्ले के लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया। भारी बारिश से मुगला नाले का जलस्तर बढ़ गया। ऐसे में हाईवे पर स्थित चैंबर के लिए बनाई गई नाली बंद होने से नाले में पानी के बहाव के साथ बह कर आया मलबा और कीचड़ लोगों के घरों में घुस गया। प्रभावित पवन कुमार, रमेश कुमार, सुनील कुमार और राज कुमार ने कहा कि नाली बंद होने से नाले से बहकर आने वाला पानी, मलबा और कीचड़ चैंबर में न पहुंच कर सीधे लोगों के घरों और खेतों में जा पहुंचा। गनीमत रही कि मोहल्लावासी समय रहते सजग हो गए अन्यथा मानवीय क्षति भी हो सकती थी। मोहल्लावासियों ने बताया कि हाईवे से अपर मुगला मोहल्ले के लिए कंकरीट का रास्ता बनाया गया था। चार माह बाद ही बारिश से यह रास्ता उखड़ गया। लोगों का कहना है कि गुणवत्ताहीन कार्य करने पर भी ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया है। इसका खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं, बारिश के बाद लोग अपने घरों और खेतों से कीचड़ को हटाने में जुट गए। होली, चुवाड़ी, सिहुंता, साहो, सिल्लाघ्राट में भी दोपहर बाद हुई बारिश हुई।
हरदासपुरा वार्ड पार्षद अंजू देवी ने कहा कि मुगला मोहल्ला में नाले के पानी के साथ बह कर आया मलबा और कीचड़ लोगों के घरों और खेतों में घुस गया। कहा कि उन्होंने मौके का जायजा ले लिया है।