चंबा। महिलाएं अपने अधिकारों और कर्तव्य के प्रति जागरूक होंगी, तभी वे निडर होकर आगे बढ़ सकेंगी। यह बात बचत भवन में आयोजित अमर उजाला के अपराजिता 100 -मिलियन स्माइल कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसायटी की सचिव नीना सहगल ने कही।
उन्होंने महिलाओं को बताया कि वे अपने हक की लड़ाई खुद लड़कर आत्मनिर्भर बनें। आज महिलाएं हर क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। काफी महिलाओं ने देश और प्रदेश स्तर पर अपनी काबिलियत से नाम रोशन किया है। महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। आज जिस तरह महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी है, उसी तरह स्वस्थ रहना भी आवश्यक है। आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत सहायिकाएं और वर्कर बेटियों के जीवन में आगे बढ़ने और उच्च मुकाम हासिल करने के लिए सही तरीके से मार्गदर्शन करने का काम कर सकती हैं। वे चाहें तो अन्य कई बेटियों को कामयाब बनाने की राह तैयार कर सकती हैं।
अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय अभियान है। इससे महिलाओं को आगे बढ़ने और खुद के पैरों पर खड़े होने का मौका मिलता है। अमर उजाला संस्थान को इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करवाते रहना चाहिए। - शायना बेगम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
इस दौर में महिलाओं को अपने अधिकारों को समझना बहुत जरूरी है। महिला कहीं न कहीं मानसिक प्रताड़ना का शिकार होने के कारण पीछे रह रही हैं। ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं को नई ऊर्जा मिलती है, जो उनकी उन्नति में सार्थक साबित हो सकती है। - बिंद्रा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
अमर उजाला की ओर से ऐसे कार्यक्रम और करवाए जाने चाहिए। इससे महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनती हैं। उन्हें अपने अधिकारों को जानने का मौका मिलता है।
- अनीता कुमारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी, तभी निडर होकर आगे कदम बढ़ा पाएंगी। यह चीज अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम से सीखने को मिली है। ऐसे कार्यक्रम हर माह होने चाहिए।
- कमलेश, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता