सैकड़ों परिवारों के घरों पर मंडरा रहा भूस्खलन का खतरा, डर के साये में कट रहीं लोगों की रातें
लोग बोले- पिछले साल भी इसी जगह हुआ था भूस्खलन, आश्वासन देकर लौट गए थे अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। उपमंडल की पंचायत चांजू के द्वारी और डाका गांवों में बरसात के बीच जमीन दरकने से खतरा बढ़ गया है। वेही गांव के समीप नकरोड़-चांजू मार्ग के नीचे पहाड़ी से लगातार मिट्टी और मलबा खिसक रहा है।
सड़क के नीचे जमीन धंसने से सैकड़ों परिवारों के घरों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों में डर का माहौल है और लोग रातें चिंता के बीच गुजार रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क से मलबा हटाकर मार्ग तो बहाल कर दिया जाता है लेकिन पहाड़ी को थामने के लिए सुरक्षा दीवार नहीं होने से जमीन लगातार खिसक रही है। प्रकाश चंद, सुरेंद्र कुमार, तरुण कुमार, प्रताप चंद और विजय कुमार ने बताया कि यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो भूस्खलन बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर भूस्खलन हुआ था। उस समय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर सड़क बहाल करवाई थी। साथ ही स्थायी सुरक्षा कार्य करवाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद कोई ठोस काम नहीं हुआ। बरसात शुरू होते ही समस्या फिर सामने आ गई है।
भूस्खलन के चलते नकरोड़-चांजू मार्ग पर आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल मलबा हटाकर सड़क खोलने के बजाय संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा दीवार और भू-संरक्षण कार्य किए जाएं। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण करवाकर स्थायी समाधान की मांग की है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि फंड की उपलब्धता होने पर मौके पर सुरक्षा कार्य करवाने के प्रयास किए जाएंगे।