चौगान में लगा डोम। यहां अभी तक फायर यंत्र नहीं लगाए गए हैं।
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चंबा। मिंजर मेले में सजी अस्थायी मार्केट में सुरक्षा को दरकिनार किया गया है। डोम में दुकानें सज चुकी हैं लेकिन अभी तक दमकल विभाग ने एनओसी तक नहीं ली है। डोम में आग जैसी घटना से निपटने के लिए एक भी फायर यंत्र नहीं लगाया गया है।
हैरानी इस बात की है कि एक दिन पहले ही डोम में सुरक्षा जांचने के लिए उपायुक्त व एसडीएम ने निरीक्षण किया था लेकिन उन्होंने सुरक्षा के सबसे जरूरी पहलु की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। जबकि, डोम में दुकानें सजाने से पहले लोनिवि, बिजली बोर्ड, सदर थाना और दमकल विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य नहीं समझा। प्रशासन ने चौगान को बेचकर मोटी कमाई कर ली है। अब उन्हें लोगों की सुरक्षा की ज्यादा चिंता नहीं है। यही हाल डोम बनाने वाले ठेकेदार का है। उन्हें ज्यादा से ज्यादा दुकानें बेचकर अपनी रकम के साथ मुनाफा कमाने की होड़ लगी है जबकि डोम में इमरजेंसी गेट के साथ पर्याप्त मात्रा में फायर यंत्रों का होना जरूरी है। पिछले वर्ष मिंजर मेले के दौरान डोम में एक सिलिंडर में आग भड़क गई थी। गनीमत यह रही थी कि आग को समय पर काबू पा लिया गया। उस दौरान जब प्रशासन की टीम ने डोम की दुकानों की तलाशी ली तो वहां आधा दर्जन से अधिक घरेलू सिलिंडर निकले थे जिनका इस्तेमाल दुकानदार रात को दुकानों के अंदर खाना बनाने के लिए कर रहे थे। डोम के अंदर आग की हल्की सी चिंगारी भारी तबाही मचा सकती है। सैकड़ों की संख्या में लोग डोम के अंदर लगी दुकानों में खरीदारी करते हैं। इसलिए प्रशासन को सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। मेला शुरू होने से पहले सुरक्षा के सभी इंतजाम जांचे जाने चाहिए थे।
फायर उप अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि दमकल विभाग से अभी तक एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया गया है। एनओसी देने से पहले दमकल विभाग की टीम डोम का निरीक्षण करेगी। सुरक्षा पुख्ता होने के बाद ही एनओसी दी जाएगी।