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फिर टूटी परंपरा, मिंजर मेले के शुभारंभ पर नहीं आए राज्यपाल

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चंबा। ऐतिहासिक मिंजर मेले का आगाज राज्यपाल के करकमलों होता देखने के लिए चंबा की जनता तरस गई है। इस साल भी राज्यपाल मेले का आगाज करने चंबा नहीं पहुंच सके। मसलन, विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने ऐतिहासिक मिंजर मेले का शुभारंभ किया। पिछले सात सालों से राज्यपाल की अनुपस्थिति में सरकार के मंत्री ही ऐतिहासिक मिंजर मेले का आगाज करते आए हैं। पूर्व सरकार में वन मंत्री रहे ठाकुर सिंह भरमौरी को भी दो बार मिंजर मेले का आगाज करने का सुअवसर मिला है। जबकि, वर्तमान सांसद किशन कपूर भी वर्ष 2018 में मेले का शुभारंभ कर चुके हैं। पिछले सात सालों से यह परंपरा टूटती आ रही है। ऐतिहासिक मिंजर मेले की परंपरा के अनुसार वर्षों से मेले का आगाज राज्यपाल की ओर से किया जाता है और मेले का समापन मुख्यमंत्री करते हैं। यहां सवाल सिर्फ मेले के शुभारंभ या समापन का नहीं है बल्कि मिंजर मेले की गरिमा का है। पिछले कुछ सालों से राज्यपाल का दौरा चंबा के लिए नहीं बन पा रहा है। इससे सरकार के मंत्रियों को ही मेले का शुभारंभ करने का मौका मिल रहा है। कुल मिलाकर राज्यपाल के हाथों मेले का शुभारंभ न होने पर जिले की जनता में निराशा है।
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