चंबा। जिला मुख्यालय से सटे सुल्तानपुर वार्ड में केरोसिन प्रेशर स्टोव फटने से एक प्रवासी महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान ममता (22) पत्नी धर्मेंद्र, निवासी गांव घाटवडरा, जिला मधुबनी (बिहार) के रूप में हुई है। वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए चंबा में कबाड़ एकत्रित करने का कार्य कर रही थी।
वीरवार रात ममता अपने किराये के कमरे में खाना बना रही थी, तभी अचानक स्टोव फट गया। धमाके के साथ लगी आग में महिला बुरी तरह झुलस गई। स्टोव फटने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
परिजन ममता को टांडा ले जाने के बजाय पठानकोट के एक निजी अस्पताल में ले गए, लेकिन 80 प्रतिशत झुलसी होने के कारण वह जिंदगी की जंग हार गई और शनिवार शाम उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने पठानकोट के निजी अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज ले आए।
फोरेंसिक विशेषज्ञों की निगरानी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि इस मामले में परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में खली बर्न यूनिट की कमी
सुल्तानपुर में हुई घटना ने चंबा में चिकित्सा सुविधाओं में कमियों को भी उजागर कर दिया है। चंबा मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट तक नहीं है। इस कारण गंभीर जलने के मामलों में मरीजों को टांडा या अन्य शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। ऐसे में राहत के लिए तुरंत और उचित उपचार न हो पाने के कारण कई बार जान की हानि भी हो जाती है। लोगों ने प्रशासन एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से अपील की है कि जिला में बर्न यूनिट की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए, ताकि भविष्य में इसी प्रकार की घटनाओं में बचाव संभव हो सके