चंबा। चंबा एक पिछड़ा जिला है। यहां पेयजल का मुलभूत ढांचा रियासत काल से है। शहर के तीनों तरफ से जल की नदियां हैं। यह बात चंबा जनहित संगठन के पदाधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को ज्ञापन सौंपते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आम आदमी के छोटे से छोटे परिवार पर पीने के पानी एवं सीवरेज के पानी के नाम पर भारी शोषण हो रहा है। दो माह का पानी का बिल पांच सौ रुपये आता है। यदि दो दिन देरी हो जाए तो नोटिस दिया जाता है। कहा कि जिला चंबा में बिजली उत्पादन के लिए छोटे-बड़े 90 प्रोजेक्ट हैं, जहां बिजली मुफ्त होनी चाहिए थी। कुछ समय पहले 125 यूनिट निशुल्क थी। सरकार ने अब यह सुविधा खत्म कर दी है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि पेयजल को सस्ता और बिजली फ्री की जाए। इस मौके पर किशोर शर्मा, शादी लाल शर्मा, हर्ष धीमान, मुकेश कुमार, शिवचरण मौजूद रहे। संवाद