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संपर्क मार्ग के निर्माण को भेजे 10 लाख बीडीओ के पास नहीं पहुंचे

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चंबा-भरमौर हाईवे की खस्ताहालत पर अधिकारियों को कार्रवाई करने के आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बचत भवन चंबा में आयोजित जिला स्तरीय विकास, समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में ग्राम पंचायत झुलाड़ा में संपर्क मार्ग का मामला खूब गर्माया। इस मामले में जहां प्लानिंग डिपार्टमेंट की ओर से दस लाख रुपये की राशि जारी करने की बात कही गई तो वहीं दूसरी तरफ विकास खंड अधिकारी चंबा ने उक्त निर्माण कार्य के लिए दस लाख रुपये की राशि न पहुंचने की बात कही। बहरहाल, इस पर चंबा-कांगड़ा सांसद किशन कपूर ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आदेश देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेवारियों को समझें और विकास कार्यों को लेकर किसी प्रकार की कोताही न बरतें। बैठक के दौरान सांसद किशन कपूर ने चंबा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को निर्देश दिए कि भवन निर्माण कार्य को जल्द शुरू करवाया जाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पास 156 करोड़ रुपये की राशि पहले से मौजूद है तो निर्माण कार्य में और विलंब होना सही नहीं है। निर्माण चरणबद्ध आधार पर हो सकता है। बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने अवगत किया कि निर्माण कार्य निष्पादन एजेंसी के साथ 15 जनवरी को बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में मौजूद विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने सांसद किशन कपूर से आग्रह किया कि वे मेडिकल कॉलेज में स्टाफ और अन्य आवश्यक जरूरतों को स्वास्थ्य मंत्रालय के समक्ष रखें। किशन कपूर ने सांसद निधि से विभिन्न विकास कार्यों को दी जाने वाली राशि के सही उपयोग को लेकर मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने की जरूरत पर भी जोर दिया। विधायक विक्रम जरयाल द्वारा उठाए गए बिजली कनेक्शन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड तुरंत एक सर्वेक्षण करवाए। किशन कपूर ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग के निर्माण की धीमी रफ्तार पर असंतुष्टता जताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के लोक निर्माण मंडल को इस दिशा में गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चंबा से भरमौर वाले हिस्से को लेकर भी प्रभावी कार्य योजना के तहत काम किए जाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि जो ठेकेदार कार्यों को लटका रहे हैं उन्हें तुरंत ब्लैक लिस्ट किया जाए। किशन कपूर ने शिक्षा उपनिदेशक को निर्देश दिए कि स्कूलों में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं होना चाहिए। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अलावा इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम, नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वाटर प्रोग्राम, सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे मील स्कीम, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, समन्वित बाल विकास स्कीम, मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई।
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