जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में शनिवार को उस समय हंगामा हो गया। जब बैठक में मौजूद 12 जिला परिषद सदस्य, बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने प्रदेश सरकार पर वित्तीय शक्तियां छीनने के आरोप लगाए और नारेबाजी कर बैठक का बहिष्कार कर दिया।
सभी सदस्य बचत भवन के मुख्य द्वार पर दोपहर एक बजे तक धरने पर बैठे रहे। प्रदेश सरकार से वित्तीय शक्तियां बहाल करने की मांग की। बैठक का बहिष्कार करने वाले उटीप वार्ड के जिप सदस्य राकेश ठाकुर, बनेटी वार्ड की नीना, पांगी की सुनीता, जडेरा की नितिमा नीरू, सिढ़कुंड की निशा, साच की इंदिरा कपूर, कल्हेल के जिप सदस्य ज्ञान सिंह, मैहला ब्लॉक के बीडीसी उपाध्यक्ष दलीप सिंह, मैहला ब्लॉक बीडीसी अध्यक्ष राज कुमारी, तीसा ब्लॉक की बीडीसी अध्यक्ष देवकी देवी, पांगी के बीडीसी अध्यक्ष योगराज और बनीखेत की बीडीसी सदस्य दर्शना ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जिप और बीडीसी सदस्यों की वित्तीय शक्तियां छीनकर उन्हें शक्तिहीन कर दिया है।
इसके कारण जिप और बीडीसी सदस्य अपने इलाकों में विकास के कार्य नहीं करवा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिप और बीडीसी सदस्यों की वित्तीय शक्तियों को बहाल करने के लिए काफी समय से सरकार से मांग की जा रही हैं। लेकिन, सरकार गंभीर नहीं लग रही है। इसके कारा उन्हें जिप की त्रैमासिक बैठक का बहिष्कार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे तब तक जिप की बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवाएंगे। जब तक उनकी वित्तीय शक्तियां बहाल नहीं हो जातीं। अगर सरकार जल्द वित्तीय शक्तियां बहाल नहीं करती है तो जिला के सभी जिप और बीडीसी सदस्य सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे।