नगर परिषद चंबा को कुरांह के संयंत्र में कूड़ा डालने की इजाजत मिल गई है। मैहला के ग्रामीणों ने नगर परिषद को ढाई महीने की मोहलत दी है और मोहलत के दौरान नगर परिषद की गाड़ियां अब कूड़ा संयंत्र का इस्तेमाल कर पाएंगी।
ग्रामीणों ने यह निर्णय उपायुक्त के साथ हुई बैठक के बाद लिया है और कूड़ा संयंत्र के ताले भी खोल दिए हैं। इस निर्णय के बाद शुक्रवार को नगर परिषद के कर्मचारियों ने शहर भर में बिखरे पड़े कूड़े को उठाया और गाड़ियों की मदद से इसे संयंत्र में ठिकाने लगाया गया। इससे पूर्व करीब पांच दिन तक नगर परिषद कूड़ा ठिकाने नहीं लगा पा रही थी और जगह-जगह कूड़े के ढेर बढ़ने शुरू हो गए थे। 31 मार्च के बाद मैहला समेत आसपास की पंचायतों ने कूड़ा संयंत्र में कूड़ा फेंकने का विरोध शुरू किया था और दो अप्रैल के बाद नगर परिषद की सभी गाड़ियों को रोक दिया गया। लेकिन अब ग्रामीण ढाई महीने तक इंतजार करने के लिए तैयार हो गए हैं।
उधर, नगर परिषद ने कूड़ा संयंत्र की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए संबंधित ठेकेेदार को सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दे दिए हैं। साथ ही नगर परिषद इन ढाई महीनों के दौरान कूड़ा संयंत्र के लिए किसी दूसरी जगह का चुनाव भी करेगी। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर की मानें तो नगर परिषद ने ग्रामीणों से मोहलत मांगी थी। एक दम से कूड़ा संयंत्र को दूसरी जगह नहीं बदला जा सकता था।
ग्रामीणों की उपायुक्त के साथ हुई बैठक के बाद वे इस मोहलत को देने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अब नगर परिषद दूसरी जगह का चयन करेगी और प्रोजेक्ट लंबे सालों तक चले इसको ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने कहा काम बेहतर नहीं हुआ तो ठेकेदार को भी बदला जा सकता है।