चंबा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभ पाने वाले किसानों की जमीन की मैपिंग होगी। योजना के तहत अपात्रों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए सरकार और प्रशासन ने यह निर्णय किया है। इसके तहत बाकायदा राजस्व विभाग के अधिकारियों को किसी भी सूरत में 25 सितंबर तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की जमीन की मैपिंग करने का समय दिया गया है। इसके तहत राजस्व कर्मियों को पोर्टल पर विवरण दर्ज करना होगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान योजना के लाभार्थियों को तीन समान किस्तों में दो-दो हजार रुपये दिए जाते हैं। पात्र किसानों को ही इस योजना का लाभ मिले, इसके लिए कई स्तरों पर उनकी पात्रता जांची जा रहा है। जैसे पीएफएमएस पोर्टल और आयकर विभाग के सर्वर से आयकर दाताओं की पहचान की गई है। अब किसानों की नए सिरे से पहचान करवाने के लिए पीएम किसान पोर्टल पर पंजीकरण, अपात्र किसानों को चिह्नित कर उन्हें डिलीट करना, ई-केवाईसी का कार्य पूरा करना और उनकी भूमि का सत्यापन किया जाना है।
कर्मचारियों को किसानों का डाटा डाउनलोड करने और राजस्व विभाग की ओर से भूमि संबंधी सूचना एक्सेल शीट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत राजस्व कर्मी अब गांवों का ब्योरा दर्ज करेंगे। पोर्टल पर भूमि का ब्योरा तहसील लॉग इन से अपलोड किया जाएगा। सत्यापन के दौरान मृत किसान, भूमिहीन या अन्य वजह से अपात्र पाए जाने वालों को चिह्नित करते हुए उन्हें अलग से इंगित किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थी को मिलने वाली किस्तें रोकी जाएंगी और पहले दी जा चुकी धनराशि की वसूली भी की जाएगी। इसकी पुष्टि उपमंडल अधिकारी अरुण शर्मा ने की है।