चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा की प्रयोगशाला का मरीजों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। आलम यह है कि लैब में 20 दिन से मरीजों के थायराइड के टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चों के सीबीसी टेस्ट भी बंद हो चुके हैं। इतना ही नहीं मरीजों को ब्लड कल्चर और यूरिन कल्चर का टेस्ट करवाने के लिए भी निजी लैबों में जाना पड़ रहा है, जहां मरीजों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
डेढ़ माह से ये टेस्ट सरकारी लैब में बंद पड़े हैं। थायराइड का जो टेस्ट मरीजों का सरकारी लैब में 200 रुपये में किया जाता है वही टेस्ट निजी लैब में 500 से 700 रुपये में किया जा रहा है। इसके अलावा सीबीसी टेस्ट जो ओपीडी में लगभग हर मरीज को करने का परामर्श दिया जाता है। क्योंकि इस टेस्ट से मरीज के खून संक्रमण का पता चलता है। इससे मरीज की बीमारी का इलाज करने में विशेषज्ञों को आसानी होती है। विशेषज्ञ मरीजों को रुटीन में इलाज के चलते ये टेस्ट लिख रहे हैं लेकिन मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में जाकर मनमाने दाम चुकाने पड़ रहे हैं। सरकारी लैब में टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली किट और केमिकल खत्म हो चुका है। जब भी मरीज टेस्ट करवाने के लिए सरकारी लैब में पहुंचते हैं तो उन्हें वहां से निराश लौटा दिया जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार बच्चों के अभिभावकों को उठानी पड़ रही है। उन्हें बीमार बच्चों के खून का सैंपल देने के लिए निजी लैब जाना पड़ता है। तीमारदारों सुरेंद्र सिंह, रवि कुमार, जितेंद्र, अशोक कुमार, हंसराज, केवल और प्यार सिंह ने जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि सरकारी प्रयोगशाला में मरीजों के सभी टेस्ट शुरू करवाए जाएं। चिकित्सा उप अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि लैब में टेस्ट शुरू करने के लिए प्रबंधन उचित कदम उठा रहा है। जल्द मरीजों के बंद टेस्ट शुरू करवा दिए जाएंगे।