चंबा में मणिमहेश यात्रा के दौरान दोनाली के पास मणिमहेश नाले पर श्रद्धालुओं के लिए बनाया गया लक
भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा के प्रशासनिक तौर पर शुरू होने से एक माह पूर्व भी गुईनाला से तोस गोठ के बीच के पैदल मार्ग की हालत सुधारी नहीं जा सकी है। इस कारण अपने स्तर पर पवित्र मणिमहेश यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है।
पहले बनाए गए पैदल रास्ते में जो पत्थर डाले गए थे, वे भी कई जगहों से उखड़ चुके हैं। तोस गोठ के पास देवदार के पेड़ के साथ मोड़ पर डंगा गिरने से रास्ता काफी खराब और तंग हो चुका है। साथ ही खड़ी चढ़ाई पर अकसर ऊपर की ओर से आने वाली खच्चरों के कारण हर पल हादसे का ही भय बना रहता है। बारिश में तो इस मार्ग से यात्रा करना ओर भी खतरे से खाली नहीं रहता है।
पवित्र मणिमहेश यात्रा प्रशासनिक तौर पर 26 अगस्त से 11 सितंबर तक होगी। यात्रा पर देश-विदेश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में शिवभक्त पवित्र डल में डुबकी लगाने के लिए यहां पहुंचते हैं। अभी भी रोजाना 100 से 150 यात्री अपने स्तर पर मणिमहेश की यात्रा पर रोजाना कूच कर रहे हैं। हैरत की बात है कि पवित्र मणिमहेश यात्रा को अब जहां महज एक माह का समय शेष बचा है, वहीं अभी तक मणिमहेश यात्रा के दौरान पड़ने वाले विभिन्न पड़ावों पर जरूरत के हिसाब से काफी कार्य होना शेष है। यदि उक्त जगहों पर कार्यों को नहीं करवाया जाता है तो शिवभक्तों की डगर ओर भी विकट हो सकती है।
मणिमहेश यात्रा पर पहुंचे महाराष्ट्र के श्रद्धालु रामेश, राजीव, उत्तराखंड से सुनील प्रेम ने बताया कि गुईनाला से लेकर तोस गोठ के बीच का पैदल मार्ग अभी काफी खस्ताहाल हैं। मार्ग पर पैदल यात्रा के दौरान थक-हार कर बैठने वाले यात्रियों के लिए भी बैठने के लिए अलग से स्थान बनाया जाना अति आवश्यक है। कुछ स्थानों पर पैदल रास्ता अभी खराब है। इसे यात्रा शुरू होने से पूर्व ठीक किया जाना चाहिए।
उधर, कार्यवाहक एडीएम कुलवीर सिंह राणा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को जल्द इस मार्ग को ठीक करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।