मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार घोड़े की सवारी के लिए अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है। भारी बारिश और आपदा के कारण हड़सर से मणिमहेश तक यात्रा मार्ग के कई हिस्से क्षतिग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक रास्ते तैयार किए गए हैं। बदले मार्ग से घोड़ों और खच्चरों को अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में घोड़ा संचालकों ने किराये में 700 से 900 रुपये तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव जिला प्रशासन के समक्ष रखा है।
घोड़ा संचालकों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग बनने से यात्रा की दूरी और समय दोनों बढ़ गए हैं। इसके अलावा कई हिस्से बेहद दुर्गम होने के कारण घोड़ों और खच्चरों के संचालन में जोखिम के साथ खर्च भी बढ़ा है। इसी को देखते हुए किराये में संशोधन की मांग की गई है।
कई जगह क्षतिग्रस्त हुआ पुराना रास्ता
हड़सर से मणिमहेश जाने वाले रास्ते में तोस का गोठ, दौनाली और सुंदररासी ग्लेशियर प्वाइंट समेत कई स्थानों पर बारिश और भूस्खलन से नुकसान हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रशासन ने कई जगह वैकल्पिक रास्ते तैयार किए हैं। इन रास्तों पर घोड़ों को पहले की तुलना में अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। घोड़ा संचालकों के अनुसार अतिरिक्त दूरी, अधिक समय और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन के कारण मौजूदा किराये में बदलाव जरूरी हो गया है। हालांकि, किराये में बढ़ोतरी तभी लागू होगी जब जिला प्रशासन इसे मंजूरी देगा।