प्रशासन ने भरमौर में एक बड़ा निर्णय लेते हुए हड़सर से डल झील तक करीब 13 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग को मणिमहेश ट्रस्ट के अधीन लेने की बात कही है।
इस मार्ग पर अब तक वन्य प्राणी विभाग और वन विभाग का साझा अधिकार है। जिसकी वजह से मार्ग को विकसित करने या उसके सही ढंग से रखरखाव करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। मार्ग मणिमहेश ट्रस्ट के अधीन जाता है तो इसकी मरम्मत कार्य आसानी से पूरे हो सकेंगे।
अतिरिक्त दंडाधिकारी भरमौर विनय धीमान ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 13 किलोमीटर के पैदल ट्रैक को दुरुस्त रखने में सबसे ज्यादा दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा इस मार्ग के बीच रास्ते में लंगर आयोजक या निजी दुकानदार पक्के शेड भी बना रहे हैं। उससे भी नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
एडीएम भरमौर ने बताया कि मार्ग को ट्रस्ट के अधीन लेने के लिए वन विभाग से पत्राचार शुरू करेगा। ट्रस्ट के अधीन आने के बाद मार्ग के सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जिसमें मणिमहेश पैदल मार्ग को चौड़ा करना, पड़ाव को विकसित करना, यात्रियों के लिए लाइट का प्रबंध व लंगर समेत निजी दुकानदारों के लिए अलग से व्यवस्था का प्रावधान हो पाएगा।
उन्होंने कहा कि घोड़े व खच्चर के लिए अलग से मार्ग का निर्माण किया जाएगा। लेकिन यह तभी संभव है जब मार्ग को वन विभाग से ट्रस्ट के अधिकार में लिया जाए।