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मणिमहेश यात्रा में लंगर आयोजन के नाम पर कब्जा रहे जमीन

Sun, 10 Jul 2016 10:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, भरमौर (चंबा)
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 भरमौर प्रशासन ने जनजातीय क्षेत्र भूमि अधिनियम को कड़ाई से लागू करने का निर्णय लिया है। क्योंकि मणिमहेश यात्रा की आड़ में बाहरी राज्यों के चतुर लोग स्थानीय लोगों को पैसों का लालच व झांसा देकर भूमि हो हथियाने में लगे हुए हैं।
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इसका ज्वलंत उदाहरण हड़सर में बना एक आश्रम भी है। हाल ही में प्रशासन ने इस दिशा में तहसीलदार भरमौर को निर्देश दिए हैं कि इस दिशा में पूरी रिपोर्ट तैयार करके प्रशासन को सौंपे ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके। देखने में आया है कि मणिमहेश यात्रा के दौरान मुख्य रूप से लंगर आयोजक हर वर्ष लंगर लगाने का बहाना बना कर कबायली लोगों की भूमि पर अपने पैसे से बहुमंजिला इमारतें खड़े कर रहे हैं, जिन्हें बाद में व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन के पास यह सूचना पहुंचने के बाद प्रशासन तलख हो चुका है। लिहाजा अब शीघ्र ही ऐसे फजीहत का काला चिट्ठा खुलने वाला है।

प्रशासन ने साफ तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि अगर ऐसे मामले सामने आए तो संबंधित संपत्ति को मणिमहेश न्यास के नाम कर दिया जाएगा। इस अनियमितता में संलिप्त लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। भरमौर की ओर लूणा से आगे कबायली क्षेत्र शुरू होता है जबकि यहां पर कई जगह पर कंक्रीट के शेड व इमारतें बनी हुई है। जिन्हें बाहरी राज्यों के लोग सरकार और प्रशासन को धोखे में रखकर हथियाना चाह रहे हैं। लेकिन इस मामले के सामने आने से ऐसे लोगों का सपना अब पूरा नहीं होने वाला है। इस मुद्दे पर 12 जुलाई को भरमौर में आयोजित होने वाली बैठक में मुख्य रूप से चर्चा का विषय बनाया जाएगा।
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एसडीएम भरमौर डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि राजस्व विभाग को इस दिशा में शीघ्र रिपोर्ट तैयार कर सौंपने के निर्देश जारी किए गए हैं। बाहरी राज्यों के लोगों को किसी भी सूरत में कबायली क्षेत्र की जमीन हथियाने नहीं दी जाएगी। अगर ऐसी अनुचित संपत्तियां सामने आई तो उन्हें मणिमहेश न्यास के नाम कर दिया जाएगा।
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