रोपवे के जमीन का चयन करते एसडीएम बचन सिंह।
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अरसे से लंबित मंगला-चंबा रोप-वे योजना दोबारा शुरू होने वाली है। प्रशासन ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है और निजी कंपनी इसे जल्द से जल्द पूरा करने को राजी हो गई है। मंगला-चंबा के बीच रावी नदी पर बनने वाले इस रोप-वे से मंगला महज 500 मीटर की दूरी पर रह जाएगा। जबकि इस समय चंबा से मंगला की दूरी करीब आठ किलोमीटर है।
इसके अलावा इस योजना से पर्यटन कारोबार में भी तेजी आएगी। गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा सरकार के समय भी रोप-वे का प्रस्ताव चंबा नगर परिषद के पास आया था लेकिन नगर परिषद ने उस समय इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और तब से अब तक रोप-वे योजना ठंडे बस्ते में ही रही। अब नगर परिषद का दोबारा गठन होने और राज्य में कांग्रेस सरकार होने की वजह से इस योजना को फिर से पंख लगे हैं।
सोमवार को जिला पर्यटन विकास अधिकारी और एसडीएम चंबा बचन सिंह सहित संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने मंगला में भूमि चयन को लेकर दौरा किया। इस रोप-वे के निर्माण के लिए चंबा रावी व्यू कैफे से सामने पांच सौ मीटर दूर मंगला में तीस गुणा दस का प्लेटफार्म बनाया जाना है। जहां पर यह रोप-वे आपस में जुड़ेगा। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए निजी फर्म ने वाकायदा नगर परिषद और मंगला पंचायत से एनओसी भी ले रखी है। फिलहाल पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के पूरे आसार हैं। जिसके बाद यह राज्य स्तर पर गठित एक कमेटी के पास अंतिम स्वीकृति के लिए जाएगा। जहां से स्वीकृति मिलते ही इस योजना पर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
एसडीएम चंबा बचन सिंह ने बताया कि फोरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद इस प्रस्ताव को हाई अथॉरिटी के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। जहां से स्वीकृति मिलने के बाद इस भावी योजना को अमलीजामा पहनाया जा सकेगा।