तेलका (चंबा)। तेलका क्षेत्र में बारिश ने कहर बरपा दिया है। खेतों में लहलहाती मक्की की फसल पानी के तेज बहाव में बह गई। कई जगह जमीन सहित बही फसल के कारण वहां पर बड़े-बड़े नाले बन गए हैं। कई जगह पत्थर, कीचड़ और मलबे से खेत लबालब भर गए हैं। ऐसे में किसानों को भविष्य की चिंता सताने लगी हैं।
तेलका क्षेत्र के सियुला, सालवां, द्रेकडी, मौड़ा, सेरी, सालवां, करवाल और भजोत्रा में कोई भी गांव ऐसा नहीं है जहां पर भारी बारिश से नुकसान न पहुंचा हो। क्षेत्र के हर किसान की भूमि भूस्खलन की जद में आ चुकी है। किसानों का कहना है कि मनरेगा या अन्य मदों में उनकी भूमि सुधार के तहत कार्य करवाए जाएं। साथ ही उनकी बर्बाद फसल का उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने कहा कि भूस्खलन से क्षतिग्रस्त जमीन और फसल की रिपोर्ट बनाने हेतु संबंधित पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के पश्चात ही प्रभावित लोगों की मदद की जाएगी।