चंबा मेडिकल कॉलेज की खाली पड़ी सरकारी लैब।संवाद
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में 10 दिन से मरीजों को सरकारी लैब में टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लैब में अधिकतर मशीनें खराब हैं। इस कारण कोई भी टेस्ट नहीं हो रहा है। इतने दिन बीत जाने के बाद भी कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक मशीनों को ठीक नहीं करवाया है। इसके चलते मरीज निजी लैबों में महंगे दामों पर टेस्ट करवाने के लिए मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार सरकारी लैब में रोजाना 400 से 500 मरीजों के विभिन्न तरह के टेस्ट किए जाते थे। अस्पताल में संचालित क्रस्ना लैब में मरीजों की लंबी लाइन लग रही हैं, लेकिन वहां पर शाम होने तक सभी मरीजों की बारी नहीं आ पा रही है। इस कारण अधिकतर मरीज निजी लैबों में जाने के लिए मजबूर हैं।
हालांकि मशीनें ठीक करवाने के लिए कॉलेज प्रशासन ने विशेषज्ञों को शीघ्र बुलाने का दावा किया था, लेकिन अब तक सुविधा को सुचारु नहीं किया जा सका है। इसको लेकर मरीजों में भारी रोष है। मरीज और तीमारदार संजय शर्मा, गुरमीत, मनोज कुमार, महिंद्र सिंह, विक्की कुमार, काका, रवि कुमार और शेर सिंह ने बताया कि इतने बड़े स्वास्थ्य संस्थान में मरीजों के टेस्ट बंद नहीं होने चाहिए। मशीनें खराब होने की परिस्थिति में अतिरिक्त मशीनों की सुविधा होनी चाहिए, क्योंकि यहां जिलेभर से मरीज अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज में टेस्ट सुविधा को जल्द सुचारु करवाया जाए।
खराब मशीनों को ठीक करने के लिए विशेषज्ञ कार्य कर रहे हैं। जल्द ही सरकारी लैब में मरीजों के लिए टेस्ट की सुविधा शुरू हो जाएगी। डॉ. मानिक सहगल, प्रवक्ता, मेडिकल कॉलेज चंबा
चंबा मेडिकल कॉलेज की खाली पड़ी सरकारी लैब।संवाद