चंबा। अवैध कटान के बाद लगे जुर्माने का भुगतान नहीं करने के मामले में वन विभाग वन निगम के खिलाफ अदालत में रिकवरी केस दर्ज करवा सकता है।
वन विभाग ने निगम को आखिरी चेतावनी के रूप में नोटिस जारी कर दिया है। चुराह वन मंडल के दायरे में आने वाले शक्ति जंगल में लॉट के नाम पर देवदार के हरे-भरे पेड़ काट दिए गए थे। इसमें ठेकेदार और वन निगम की लापरवाही सामने आई थी। इसके चलते वन विभाग ने संबंधित ठेकेदार को अवैध रूप से देवदार के पेड़ काटने को लेकर 16.80 लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही विभाग ने पेड़ों के अवैध कटान को लेकर अपने कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। छह महीने बाद भी जब ठेकेदार ने जुर्माने का भुगतान नहीं किया तो वन विभाग ने निगम को नोटिस जारी कर दिया है। अब निगम को हर हाल में उस नोटिस का जवाब देना होगा। या ठेकेदार को जुर्माने की अदायगी करने के लिए दबाव बनाना पड़ेगा। अन्यथा, निगम को इस मामले के लिए अदालत में फटकार सुननी पड़ सकती है। छह माह पहले वन मंडल चुराह के दायरे में आने वाले शक्ति जंगल में निगम को सूखे पेड़ों को काटने का लॉट जारी हुआ था। इस लॉट में पेड़ों का कटान करने वाले ठेकेदार ने नियम ताक पर रखते हुए सूखे पेड़ों के बजाय हरे-भरे देवदार के पेड़ों का कटान कर दिया। इसकी भनक लगते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अवैध रूप से काटे गए पेड़ों की गिनती और उसकी कीमत का अनुमान लगाने के बाद विभाग ने ठेकेदार को 16.80 लाख का जुर्माना किया। इसे जमा करवाने के लिए ठेकेदार ने सक्रियता नहीं दिखाई है। इसके चलते वन विभाग ने जुर्माना वसूल करने के लिए वन निगम को नोटिस जारी कर दिया है।
उधर, मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि शक्ति जंगल में लॉट के तहत हुए अवैध कटान मामले में विभाग पहले ही ठेकेदार को जुर्माना लगा चुका है। जुर्माने की अदायगी न होने पर निगम को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद भी यदि जुर्माने का भुगतान नहीं किया गया तो इस केस को रिकवरी के लिए अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।