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महामारी ने तोड़ी पर्यटन कारोबारियों की कमर

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डलहौजी (चंबा)। कोरोना महामारी ने पर्यटन नगरी डलहौजी में पर्यटन व्यवसाय की कमर तोड़ कर रख दी है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग लगातार दूसरे वर्ष भी इस त्रास्दी के चलते खासे चिंतित हैं। गौरतलब है कि डलहौजी पूरी तरह से पर्यटन व्यवसाय पर निर्भर है। यहां पर चाहे दुकानदार हों या टैक्सी चालक, हर किसी का चूल्हा पर्यटन व्यवसाय पर निर्भर करता है। यहां पर कोरोना महामारी के कारण पर्यटन व्यवसाय को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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यहां का पर्यटन व्यवसाय पिछले वर्ष 2020 में भी कोरोना महामारी की भेंट चढ़ गया था। पिछले वर्ष दिसंबर में कोरोना की रफ्तार थम जाने से डलहौजी में पर्यटन व्यवसायियों को 2021 में अच्छे पर्यटन व्यवसाय की उम्मीद जगी थी। इस वर्ष की शुरुआत में आने वाले पर्यटन सीजन को लेकर फरवरी से होटलों की मरम्मत और रंग-रोगन का कार्य भी शुरू कर दिया था। लेकिन, मार्च में कोरोना की दूसरी लहर ने फिर से यहां के पर्यटन व्यवसाय की कमर तोड़ दी। जहां इन दिनों डलहौजी पर्यटकों की भीड़ से सराबोर रहता था और होटलों में सौ प्रतिशत ऑक्यूपेंसी रहती थी वहीं, अब लगातार दूसरे वर्ष भी हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है।
पर्यटन से जुड़े टैक्सी चालक भी परेशान हैं। उन्हें बैंकों की किस्तें निकालना कठिन हो गया है। कोरोना की दूसरी लहर ने यहां पर्यटन से जुड़े लोगों की नींद उड़ा दी है। डलहौजी में सभी होटल और रेस्टोरेंट बिना पर्यटकों के बंद पड़े हुए हैं। डलहौजी में पर्यटन व्यवसायी अमन महिंद्रू और दीपक गंडोत्रा ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते डलहौजी में पर्यटन व्यवसाय को दूसरे साल भी जोरदार झटका लगा है। पर्यटन व्यवसाय को डलहौजी में करोड़ों का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि डलहौजी में कई लोग पर्यटन व्यवसाय से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। उधर, होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कर्ण मोंगा का कहना है कि इस साल भी कोरोना की मार से होटल कारोबारियों को करोड़ों की चपत लगी है।
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