चंबा। जिले के चार निजी प्रशिक्षण संस्थानों में ताले लटक गए हैं। विभिन्न कारणों के चलते ये संस्थान बंद हो गए हैं। तीन प्रशिक्षण संस्थानों में तीन अलग-अलग ट्रेड का प्रशिक्षण देने का कार्य भी ठप है।
कौशल विकास भत्ता योजना के तहत इन संस्थानों सहित ट्रेड को लेकर अनुमति मिली थी। बहरहाल, जिले में अब नए और पुराने निजी प्रशिक्षण संस्थानों का आंकड़ा 29 रह गया है। इससे पहले यह संख्या 33 थी। बताया जा रहा है कि यह संस्थान जहां तकनीकी कारणों के तहत बंद हुए हैं। दूसरी तरफ, कुछ संचालकों ने खुद की संस्थान और ट्रेड बंद करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार जिला चंबा में वर्तमान में 29 निजी प्रशिक्षण संस्थान चल रहे हैं। इनमें इसी साल सात नए संस्थानों को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की कौशल विकास भत्ता योजना के तहत अनुमति मिली है। विभाग की ओर से तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही संस्थान चयनित किए जाते हैं। निरीक्षण करने के बाद ही संस्थानों को योजना के तहत शामिल किया जाता है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से करीब कौशल विकास भत्ता योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत मान्यता प्राप्त निजी प्रशिक्षण संस्थानों को शामिल किया जाता है। इन संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने को लेकर विभाग की ओर से अनुमति दी जाती है। इसके बाद प्रशिक्षु संस्थानों में आकर प्रशिक्षण हासिल करते हैं। प्रशिक्षण हासिल करने वाले सक्षम प्रशिक्षुओं को 1000 और अक्षम प्रशिक्षु को 1500 रुपये भत्ते के रूप में दिया जाता है।
जिला रोजगार अधिकारी चंबा अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि चार निजी प्रशिक्षण संस्थान बंद हुए हैं। तीन संस्थानों में तीन ट्रेड बंद करने के बारे में सूचित किया है।