चंबा। एक तरफ जिले में सूखे की मार तो दूसरी तरफ गेहूं का बीज न मिलने से किसान काफी परेशान हो रहे हैं। दरअसल, कृषि उपकेंद्र मैहला में ताला लटका हुआ है। किसानों को 22 किलोमीटर दूर राजपुरा से बीज लाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, उपकेंद्र में दो साल से स्टाफ नहीं हैं। जबकि, इसी उपकेंद्र पर 42 पंचायतों के किसान निर्भर रहते हैं। किसानों का कहना है कि स्टाफ न होेने से इस बार भी उन्हें राजपुरा उपकेंद्र से बीज खरीदना पड़ा है। यह समस्या लगभग दो साल से चलती आ रही है कि मक्की और गेहूं सहित अन्य फसलों का बीज यहां उपलब्ध नहीं है। किसानों को दूसरे उपकेंद्रों की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिससे किसानों को बीज और अन्य जरूरी वस्तुएं प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।
किसान मनोज कुमार, महिंद्र सिंह, गोपाल, जगदीप कुमार, हरीश कुमार और खेमराज का कहना है कि इस बारे कई बार विभाग को अवगत करवा चुके हैं। किसानों को बीज लाने के लिए भटकना पड़ रहा है। पिछले दो साल से उपकेंद्र में बीज नहीं आया है। जब भी बीज लाने के लिए जाते है तो उपकेंद्र में ताला लटका हुआ होता है। इस बार भी एक तरफ खेतों में सूखा है तो दूसरा बीज के लिए भी दूसरे उपकेंद्र की दौड़ लगानी पड़ रही है।
स्टाफ के बारे में बार-बार उच्चाधिकारी को अवगत करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का समाधान जाए।
विकास कपूर, कार्यवाहक उपनिदेशक, कृषि विभाग चंबा