जिले में विभाग ने रखा 21 हजार मवेशियों के टीकाकरण का लक्ष्य, घर-घर पहुंच रही हैं टीमें
15 हजार मवेशियों को लगी वैक्सीन, एक हफ्ते में शेष छह हजार पशुओं को कवर करने का लक्ष्य
रिंपी ठाकुर
चंबा। लंपी स्किन रोग के संभावित खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग ने जिले में पशुओं को सुरक्षा कवच देने के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
विभाग ने जिले में 21 हजार मवेशियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभियान के तहत अब तक करीब 15 हजार पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वहीं, शेष छह हजार पशुओं का टीकाकरण एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के लिए विभागीय टीमें लगातार गांव-गांव और घर-घर पहुंच रही हैं।
लंपी स्किन रोग मवेशियों में तेजी से फैलने वाली बीमारी है। इसकी चपेट में आने पर पशुओं के शरीर पर गांठें और फोड़े जैसे घाव हो जाते हैं। बीमारी का असर पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ पशुपालकों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने बीमारी फैलने से पहले ही एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं।
टीकाकरण अभियान के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर पशुपालकों से संपर्क कर रही हैं और उनके मवेशियों का मौके पर ही टीकाकरण कर रही हैं। विभाग का प्रयास है कि जिले में कोई भी पात्र पशु टीकाकरण से वंचित न रहे। इसके साथ ही पशुपालकों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पशुपालन विभाग की ओर से इससे पहले मुंहखुर रोग से बचाव के लिए भी बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया था। करीब साढ़े तीन माह तक चले इस अभियान के दौरान जिले में 1 लाख 80 हजार 600 पशुओं का टीकाकरण किया गया था। अब लंपी स्किन रोग से बचाव के लिए विभाग ने अभियान को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया है।
पशुपालन विभाग चंबा के उपनिदेशक राकेश भंगालिया ने बताया कि लंपी स्किन रोग से मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। 21 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य है, जिसमें 15 हजार पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। शेष छह हजार पशुओं का टीकाकरण भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों से विभागीय टीमों का सहयोग करने की अपील की है।