चंबा। राजकीय न्यू मॉडल कॉलेज लिल्हकोठी का भवन चार साल बाद भी नहीं बना पाया है। वर्ष 2019 में तीन फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका ऑनलाइन शिलान्यास किया था। इस भवन को 2021 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था। भवन का आज तक महज 60 प्रतिशत ही कार्य हो पाया है। लिहाजा, चार वर्ष बाद भी कॉलेज को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि अभी कार्य पूरा करने को एक वर्ष और लग सकता है। गौरतलब है कि वर्ष 2016 में लिल्हकोठी कॉलेज को आरंभ करने की अधिसूचना जारी हुई और वर्ष 2021 में कॉलेज का भवन तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। 2016-2017 में कॉलेज में शिक्षा का पहला सत्र आरंभ हुआ। पहले सत्र में सौ से अधिक विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। इस दौरान कक्षाएं किराये के छह कमरों में शुरू की गईं। इसके बाद मार्च 2019 में छह करोड़ की राशि से चार मंजिला भवन निर्माण का कार्य शुरू हुआ। लिल्हकोठी कॉलेज में क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों किलोड़, राड़ी, गाण समेत अन्य से विद्यार्थी उच्च शिक्षा अर्जित करने के लिए पहुंचते हैं। बावजूद इसके कॉलेज भवन न होने के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाना तैनात स्टाफ के लिए भी चुनौती बना हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राकेश मरोल का कहना है कि कॉलेज के रास्ते में आने वाली कूहल और घराट के कारण कुछ समय तक कार्य बीच में बंद करना पड़ा। इसके अलावा ठेकेदार भी अस्वस्थ रहा। इसके चलते निर्माण कार्य में कुछ देरी हुई है। बताया कि मार्च 2024 में भवन निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा।