मंगला (चंबा)। ग्राम पंचायत मंगला के लिए भनेरा से आने वाली पानी की कूहल छह साल से बंद पड़ी है। कूहल के बंद होने से किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए समयानुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जलशक्ति विभाग को कई बार अवगत करवाने के बावजूद पानी की कूहल सुचारु नहीं हो पाई है। इससे किसानों को हर वर्ष लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि मंगला समेत आसपास के गांवों में अधिकांश ग्रामीण खेतीबाड़ी कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं लेकिन, अरसा बीत जाने के बाद भी कूहल का सुचारु न हो पाना उनकी मुसीबतों को बढ़ा रहा है। ग्रामीणों मान सिंह, किशन चंद, विशाल, दिनेश, मदन कुमार, राजेश कुमार, संजय कुमार, जगदीश चंद, अजय कुमार, अनीता कुमारी और सुनील कुमार ने बताया कि कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार बड़े-बड़े दावे पेश करती है। बावजूद इसके धरातल पर इसका असर होता प्रतीत नहीं हो रहा है। छह वर्ष से कूहल बंद पड़ी हुई है जिसे अभी तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। इसी कूहल के पानी का इस्तेमाल किसान अपने खेतों में सब्जियां और अन्य फसलें उगाने के लिए सिंचाई के रूप में करते हैं। सदर विधायक नीरज नैयर को मंगला पंचायत के बाशिंदों ने ज्ञापन सौंपकर समस्या के बारे में अवगत करवाया।