चंबा। मूसलाधार बारिश के तीन दिन बाद भी लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। जिले में बुधवार को 16 मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रहा। हालांकि, लोनिवि की मशीनरी और लेबर ने देरशाम तक सभी सड़कों को बहाल कर दिया। धूप निकलने के बाद मार्गों पर भूस्खलन जारी रहा। वहीं, दूसरी तरफ जीएमआर जल विद्युत परियोजना की एडिट-6 को जाने वाली सड़क भी क्षतिग्रस्त हुई। इसके अलावा द्रड्डा पंचायत में नौ घंटे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
जानकारी के मुताबिक जिले में मंगलवार को करीब 56 मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही थी। बुधवार को इन मार्गों को जहां बहाल करने में विभाग ने सफलता हासिल की तो वहीं, दूसरी तरफ 16 अन्य मार्गों पर भूस्खलन हुआ। इसके चलते यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। धूप में भी लोक निर्माण विभाग मंडल के आठ, भरमौर के पांच, सलूणी के दो और तीसा मंडल का एक मार्ग बाधित रहा, जिसे देर शाम तक बहाल किया गया।
वहीं, दूसरी तरफ जीएमआर पावर परियोजना का संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से कंपनी को काफी नुकसान हुआ है। उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि मार्गों को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग को आदेशित कर दिया है। कहा कि प्रशासन की ओर से लोगों से आह्वान किया गया है कि वे खराब मौसम और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी पूर्वक आवाजाही करें।
इन सड़कों पर थमे वाहनों के पहिये
चंबा मंडल के तहत चंबा-खज्जियार, जोत, चनेड़-चमड़ोली, परेल-कोल्हड़ी, रजेरा-धुलारा, घरमाणी, सिल्लाघ्राट सहित उपमंडल तीसा के कल्हेल-बंजली, सलूणी मंडल के वासा-नड्डल, सलंदी-मलूंडा, सहित मंडल डलहौजी की पांच सड़कों पर यातायात व्यवस्था ठप रही। सड़कें बंद रहने से लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने कहा कि चंबा मंडल के तहत आठ सड़कों पर बुधवार को यातायात ठप रहा। उन्होंने कहा कि मूसलाधार बारिश के चलते बीते कुछ दिनों में लोनिवि चंबा को आठ करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। जबकि, बुधवार को ही लोनिवि मंडल चंबा को 30 लाख का नुकसान हुुआ है। कहा कि दोपहर तक सभी सड़कों को यातायात के लिए बहाल करवा दिया गया।