चंबा। मूसलाधार बारिश के साथ होने वाले भारी भरकम भूस्खलन से भरमौर-पठानकोट एनएच सहित जिला में 48 मार्गों पर वाहनों के पहिये थम गए। जिसके तहत देर शाम तक 46 मार्गो को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। भूस्खलन के बाद एचआरटीसी की बीस बसें विभिन्न रूटों पर फंस गई। वहीं, ढकोग-बन्नी मार्ग पर बना लकड़ी का फुुटब्रिज भी पानी के बहाव में बह गया। अब लोनिवि लोगों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुट गया है। भारी बारिश से लाहडू़-ककीरा मार्ग पर सुबह नुरपूर से चंबा की ओर जा रही आल्टो कार पर घटासनी के पास मलबा गिरने से बैंक अधिकारी और उसका परिवार बाल-बाल बचा। हालांकि, अचानक गिरे मलबे की जद में आने से बैंक कर्मी को मामूली चोंटे आई। मंगलवार रात हुई भारी बारिश से सात कच्चे मकान, पांच गोशालाएं और दो डंगे क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान के चलते लोगों को सचेत रहने और रावी नदी सहित नालों, खड्डों के किनारे न जाने की हिदायत दी है। बुधवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस, अग्निशमन और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने 15 घंटों के बाद मंगलवार देर रात एनएच पर चमड़ोली के पास मलबे की जद में आकर बहे युवक का शव बरामद किया। दोपहर के समय पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। वहीं, प्रशासन ने बीस हजार की फौरी राहत राशि मृतक के परिजनों को सौंपी।
जिला में भारी बारिश से एनएच चमड़ोली के पास मंगलवार रात आठ बजे बंद हुआ। जिसे विभागीय मशीनरी ने रात बारह बजे बहाल करवाया। सुबह एक बार फिर से एनएच चमड़ोली और कामनाला में भूस्खलन में वाहनों की आवाजाही के लिए बंद पड़ गया। जिसे दोपहर 11 बजे बहाल करवाया जा सका। जिला में 48 मार्गों पर वाहनों की रफतार थम गई। सबसे अधिक मार्ग लोनिवि के मंडल चंबा, सलूणी और तीसा में यातायात के लिए बाधित पड़े। मार्गों पर वाहनों के पहिये थमने से एचआरटीसी की बीस बसें खज्जियार, छडी देवी, जोत, कोलका, पयूहरा, खबाली, बैरागढ़, लड्डन, कुठेड़-भडैला, कोलहड़ी, कैंथली-लडान, गागला-धुलाड़ा, जुम्हार, बाट, घरमाणी, अगाहर, सिल्लाघ्राट और सिढकुंड मार्गों पर फंसी रही। इसके अलावा भरमौर-पठानकोट एनएच पर चमड़ोली में चंबा-दिल्ली वोल्वो बस फंसी रही। बसों के फंसे रहने से एचआरटीसी प्रबंधन को अमूमन डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है।
एनएच सहित मार्गों पर वाहनों के पहिये थम जाने से लोगों को कई जगह जान जोखिम में डाल कर रुख करना पड़ा। बुधवार को रास्ते बंद होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भारी बारिश से जिला के विभिन्न उपमंडलों में सात कच्चे मकान, पांच गोशालाएं और दो डंगे क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिसमें उपमंडल सलूणी के तहत मियोढ़ निवासी पति देवी का कच्चा मकान, मुहाल बैंसका चंबा तिलकराज पुत्र प्रेम राज के मकान का डंगा, थनोई मुहाल निवासी अबरू पुत्र पंछी की गोशाला, कियाणी में कच्चा मकान, झुलाड़ा में कच्चा मकान और गोशाला, धुलाड़ा में दो गोशालाएं, टिकरी निवासी कश्मीर सिंह का डंगा, धरवाला निवासी दिनेश का कच्चा मकान, किलोड़ में एक कच्चा मकान, भटियात विस क्षेत्र के तहत गगरैंह निवासी पुन्नूराम का कच्चा मकान और गोशाला, दुर्गा देवी पत्नी हंसराज का कच्चा मकान और चांजू निवासी अशोक कुमार पुत्र प्रेम लाल की गोशाला को क्षति पहुंची है।
उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत जिला में अलर्ट घोषित किया गया है। जिला में बरसात से होने वाले नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा प्रभावितों की हरसंभव सहायता की जाएगी।