जिला में मार्च में हो रही बर्फबारी ने मुश्किलें बढ़ा दी है। पूरा जिला ठंड की चपेट में है। जिले की ऊपरी पहाड़ियों पर शुक्रवार शाम को भारी हिमपात हुआ है। डलहौजी, खजियार, भरमौर, होली और पांगी ही नहीं जिला मुख्यालय के आसपास के क्षेत्र भी बर्फ की सफेद चादर से ढक गए।
दिन भर रुक-रुक कर बारिश भी होती रही। चट्टानें गिरने से चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे करीब नौ घंटे बंद रहा। चनेड़ के समीप मार्ग पर बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर गई। इससे मार्ग सुबह चार बजे से एक बजे तक बंद रहा।
इससे दोनों ओर वाहनों की लाइनें लग गईं। यात्रियों को परेशान होना पड़ा। कांगड़ा समेत दूसरे क्षेत्रों से लंबी दूरी की बसों में सफर कर रहे यात्रियों को बसों में बैठकर मार्ग खुलने का इंतजार करना पड़ा। उधर, होली में न्याग्रां नाले में शुक्रवार शाम को भारी हिमस्खलन हो गया। इसकी वजह से शनिवार दोपहर तक यह मार्ग भी बंद रहा। मार्ग को परियोजना ने मशीनरी की मदद से बहाल किया है। लोनिवि होली के कनिष्ठ अभियंता जनक सिंह राणा ने बताया कि शनिवार दोपहर को आवाजाही बहाल कर दी।
सलूणी, चुराह भी ठंड की चपेट में
सलूणी और चुराह उपमंडल में भी ठंड बढ़ गई है। यहां ताजा बर्फबारी के बाद शीतलहर का प्रकोप है। बागवानों रमेश चंद, संजय कुमार, अशोक, प्रीतम सिंह, राजकुमार, रोशन लाल और बलदेव सिंह ने बताया कि सेब के पेड़ पर अब फूल आने वाले हैं। इन्हें धूप की जरूरत है लेकिन लगातार खराब मौसम ही वजह से ऐसा होता संभव नहीं नहीं आ रहा है।
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परिवहन निगम की आधा दर्जन बसें फंसी
खराब मौसम ने परिवहन निगम को भी चूना लगाया है। निगम की आधा दर्जन बसें गंतव्यों तक नहीं पहुंची। यह बसें डंडी, भांदल, कुठेहड़, खड़ामुख व जोत में फंसी हैं। उपरोक्त क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी के चलते सड़कों पर जगह-जगह मलबा गिरा होने से यह समस्या पेश आई। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। एचआरटीसी चंबा के आरएम अनूप राणा ने बताया कि एचआरटीसी की बसों का आगमन मौसम पर निर्भर करता है। सड़क मार्ग बहाल होते ही प्रभावित बस रूट शुरू कर दिए जाएंगे।