चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में संचालित क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब में कर्मचारियों को तीन महीनों से वेतन न मिलने के विरोध में मंगलवार को हड़ताल करनी पड़ी। करीब तीन घंटे तक कर्मचारियों ने किसी भी प्रकार के टेस्ट नहीं किए, जिससे इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्रस्ना लैब में कुल 13 कर्मचारी कार्यरत हैं। मंगलवार सुबह कर्मचारियों ने लैब तो खोली, लेकिन वेतन भुगतान न होने के चलते मरीजों के टेस्ट करने से इन्कार कर दिया। जैसे ही इसकी जानकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को मिली, प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और मरीजों की सेवाएं बाधित होने पर नाराजगी जताई।
हड़ताल के कारण सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक लैब की सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि इस दौरान सरकारी लैब में जांच की सुविधा उपलब्ध रही, लेकिन कई ऐसे विशेष टेस्ट, जो सरकारी लैब में नहीं होते, उन्हें क्रस्ना लैब में ही करवाया जाता है। ऐसे में मरीजों को रिपोर्ट मिलने में देरी हुई। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 500 से अधिक मरीजों के विभिन्न प्रकार के टेस्ट इसी लैब में किए जाते हैं। यदि हड़ताल लंबी चलती, तो मरीजों की परेशानी और अधिक बढ़ सकती थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कंपनी के अधिकारियों को फोन पर सख्त हिदायत दी कि मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी सूरत में बाधित नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की सख्ती के बाद कंपनी ने कर्मचारियों के खातों में वेतन का ऑनलाइन भुगतान कर दिया, जिसके बाद लैब की सेवाएं दोबारा सुचारु हो सकीं।
क्रस्ना लैब के इंचार्ज विपिन कुमार ने बताया कि कर्मचारियों ने वेतन न मिलने के कारण हड़ताल की थी, लेकिन अब कंपनी द्वारा भुगतान कर दिया गया है और मरीजों के सभी टेस्ट नियमित रूप से किए जा रहे हैं।