दतुई से खुंडी मराल तक करीब 16 किलोमीटर का दुर्गम पैदल सफर करेंगे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। खुंडी जातर यात्रा सोमवार को चांजू के दतुई गांव से शुरू हुई। चांजू काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं का जत्था जयकारों के साथ खुंडी मराल के लिए रवाना हुआ।
श्रद्धालुओं को दतुई से खुंडी मराल तक करीब 16 किलोमीटर का दुर्गम पैदल सफर तय करना होगा। परंपरा के अनुसार श्रद्धालु सोमवार रात रियाली में विश्राम करेंगे। मंगलवार सुबह जत्था खुंडी मराल के लिए रवाना होगा। खुंडी मराल पहुंचकर श्रद्धालु पवित्र खुंडी डल में स्नान कर डल तोड़ने की रस्म निभाएंगे। खुंडी मराल में 17 और 18 अगस्त को दो दिवसीय जातर मेला होगा। मान्यता है कि खुंडी डल में स्नान करने और मन्नत मांगने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मेले के दौरान चांजू काली माता, साहो और भरमौर के लिल्ह क्षेत्र की देवियों का ऐतिहासिक मिलन भी होगा। चांजू काली माता की पालकी भी विधिवत रवाना की गई। पालकी सोमवार रात रियाली में विश्राम करेगी और मंगलवार सुबह खुंडी के लिए प्रस्थान करेगी।
प्रशासन ने रियाली में आयुष विभाग का स्वास्थ्य शिविर लगाया है। इसमें श्रद्धालुओं की बीपी, शुगर समेत अन्य स्वास्थ्य जांच की जा रही है। आयुर्वेदिक दवाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। चुराह प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उधर, एसडीएम राजेश जरियाल ने श्रद्धालुओं से बरसात के मौसम में नदी-नालों से दूरी बनाए रखने और प्रशासन व पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।