चंबा। केलांग डिपो से खटारा बसों को जनजातीय क्षेत्र पांगी के रूटों पर दौड़ाने के लिए किलाड़ सब डिपो में भेजा गया है। इन बसों में सफर करने वाली सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि जिसे देख लोग इन बसों में सफर करने से डर रहे हैं। बसों की खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं। इन शीशों की जगह पर गत्ते लगाकर जुगाड़ किया गया है।
बारिश होने पर टूटे शीशों से बारिश का पानी अंदर टपकता रहता है। इसके अलावा सामान्य मौसम में ठंडी हवाएं बस में सफर करने वाली सवारियों की दुश्वारियों को बढ़ा देती हैं। किलाड़ को पिछले साल सरकार ने सब डिपो बनाया था। इस डिपो में केलांग डिपो से बसें भेजी गई हैं। मौजूदा समय में इन बसों पर भले ही किलाड़ सब डिपो लिखा गया है लेकिन बसों को केलांग डिपो से भेजा गया है। इसके चलते इन बसों में सफर करने वाले लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किलाड़ सब डिपो में 18 बसें हैं। इनमें आधा दर्जन बसों की हालत खस्ता है। हंसराज, प्रताप सिंह, योगराज, कमल कुमार, चेत राम और बुद्धि सिंह ने बताया कि केलांग डिपो से जिन बसों को किलाड़ भेजा गया है उनकी हालत काफी दयनीय है। पांगी के अधिकतर रूट काफी दुर्गम इलाकों से संबंधित हैं। ऐसे इलाकों में खटारा बसों को भेजना खतरनाक साबित हो सकता है। पांगीवासियों ने केलांग डिपो के प्रबंधन से मांग की है कि खटारा बसों के स्थान पर नई बसें दी जाएं। केलांग डिपो के आरएम अंशित शर्मा ने बताया कि बसों की नियमित रूप से मरम्मत करवाई जाती है। यदि पांगी में भेजी गई बसों की हालत खस्ता है तो उनकी तुरंत मरम्मत करवाई जाएगी।