खज्जियार में झील के पास बनी रेलिंग की हालत बनी खस्ता
खज्जियार (चंबा)। पर्यटन सीजन आने वाला है। खज्जियार झील मैदान में टूटी-फूटी रेलिंग को वन्य प्राण विभाग अभी दुरुस्त नहीं करवा पाया है। इसका असर कहीं न कहीं यहां के पर्यटन पर देखने को मिल सकता है। जो भी पर्यटक यहां आता है तो वह झील को नजदीक से निहारने के लिए इसी रेलिंग पर चलकर जाता है। यहां पर बैठने के लिए जो व्यवस्था की गई थी, वह भी सही नहीं है। इस रेलिंग पर आवाजाही करने वाले पर्यटक घायल भी हो सकते हैं। ईको टूरिज्म सोसायटी के पास लाखों रुपये का बजट है, लेकिन पर्यटकों को बेहतर सुविधा प्रदान करने में यह बजट खर्च नहीं होता। इसके अलावा मियाड़ी गला और लक्कड़मंडी बैरियर की नीलामी करके विभाग लाखों रुपये अर्जित करता है। इन पैसों से भी इस टूटी-फूटी रेलिंग को दुरुस्त किया जा सकता है। स्थानीय लोगों मंजीत कुमार, सुरेंद्र, भाग चंद, केवल, सुनील कुमार, देसराज, प्रदीप, धर्मेंद्र कुमार और विक्की ने बताया कि खज्जियार में पर्यटकों के देखने के लिए देवदार पेड़ों के बीच हरा-भरा मैदान और झील है। ऐसे में यदि रेलिंग ही क्षतिग्रस्त होगी तो न तो पर्यटक झील को नजदीक से कैसे निहार पाएंगे।
वन्य प्राणी विभाग पर्यटकों से बैरियर पर प्रवेश और पार्किंग शुल्क तो वसूल लेता है लेकिन बदले में उन्हें बेहतर सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस दिशा में उचित कदम उठाए जाएं।
वन निगम के चेयरमैन केहर सिंह खाची ने पिछले साल यहां अचानक सूखे देवदार के पेड़ों की जांच करवाने के निर्देश दिए थे। न तो आज तक उन पेड़ों की जांच करने के लिए कोई अधिकारी पहुंचा और न ही यह पता लग पाया कि आखिरकार ये पेड़ कैसे सूख गए। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि जल्द टूटी रेलिंग को ठीक दुरुस्त करवाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए जाएंगे।