खज्जियार (चंबा)। एक ओर जिला प्रशासन और सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बैठकें और योजनाएं बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर धरातल पर खज्जियार जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल की अनदेखी साफ झलक रही है। झील को नजदीक से देखने के लिए बनाई गई लकड़ी की सुरक्षा रेलिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके चलते पर्यटकों की सुरक्षा भी खतरे में है। मिनी
स्विट्ज़रलैंड के नाम से पहचाने जाने वाला यह स्थल इन दिनों बदहाली से गुजर रहा है। खज्जियार झील के चारों ओर गंदगी फैली हुई है। ईको-टूरिज़्म सोसायटी की ओर से भी स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने की स्थानीय लोग आलोचना कर रहे हैं।
पर्यटक बताते हैं कि खज्जियार की प्राकृतिक सुंदरता को नजदीक से देखने और झील के पास तस्वीरें खिंचवाने के लिए वे इसी रेलिंग तक आते हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह रेलिंग कभी भी हादसा बन सकती है। इस उपेक्षा से पर्यटन कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
झील मैदान के साथ बनी लकड़ी की रेलिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। वन्य प्राणी विभाग इसकी मरम्मत में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। सरोज कुमार, स्थानीय निवासी
पर्यटक मछलियों को नजदीक से देखने और फोटो लेने के लिए इसी रेलिंग तक जाते हैं, लेकिन इसकी हालत बेहद खराब है। यह कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती है। चमन लाल, स्थानीय निवासी
अगर प्रशासन और विभाग ने समय रहते रेलिंग की मरम्मत नहीं करवाई, तो पर्यटन कारोबार पर इसका गंभीर असर देखने को मिल सकता है। सोनू शर्मा, स्थानीय निवासी
कार्यालयों में बैठकों से पर्यटन नहीं बढ़ेगा। जरूरत है कि अधिकारी पर्यटन स्थलों का दौरा कर जमीनी स्थिति देखें और उसी आधार पर योजनाएं बनाएं। विशाल ठाकुर, स्थानीय निवासी
बजट के अभाव के कारण रेलिंग की मरम्मत नहीं हो पा रही है। जब तक बजट नहीं आ जाता, तब तक इस हिस्से को आवाजाही के लिए बंद कर दिया जाएगा। अशोक कुमार, आरओ, वन्य प्राणी विभाग