जनजातीय क्षेत्र पांगी के धरवास गांव में पेटिंग करती चंबा की ज्योति नाथ
धरवास गांव में घर–घर उकेर रहीं पांगी संस्कृति की कलाकृतियां
महिलाओं और बच्चों का भी मिल रहा भरपूर सहयोग
कड़ाके की ठंड के बीच लोगों को परंपराओं से करवा रहीं रूबरू
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले की ज्योति नाथ ने धरवास गांव में पांगी संस्कृति को नई पहचान देने की मुहिम शुरू की है। वे घर-घर जाकर पांगी संस्कृति को दर्शाती कलाकृतियां उकेर रही हैं। उनकी कला में स्थानीय रीति-रिवाज, पारंपरिक रंग और सांस्कृतिक झलक बेमिसाल तरीके से दिखाई देती है। कड़ाके की ठंड में भी ज्योति ग्रामीणों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से रूबरू करवा रही हैं।
इस काम में उन्हें महिलाओं और बच्चों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। ज्योति को बचपन से ही पेंटिंग का शौक था, जो अब उनका रोजगार और पहचान बन गया है। उनकी कला ने न केवल ग्रामीणों को जोड़ने का काम किया है, बल्कि पांगी संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद की है। इस दौरान वे स्कूली बच्चों को भी अपनी संस्कृति के बारे में बता रही हैं। लोगों के घरों की दीवारों पर पांगी की संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है। ज्योति का कहना है कि जब वे पांचवीं कक्षा में थीं तब से उन्हें पेंटिंग का काफी शौक था। जैसे- जैसे बड़ी होती गईं शौक और बढ़ता गया। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई के साथ- साथ पद्मम श्री विजय शर्मा से पेंटिंग सीखना शुरू किया। इसके बाद वे रंगमहल में ही पेंटिंग बनाती रहीं। धीरे- धीरे स्कूलों में बेहतर पेंटिंग करने लगीं और आज पूरे जिले में इसी में अच्छा नाम कमा रही हैं। चंबा में कई जगह उन्होंने पेंटिंग से अलग- अलग संस्कृति को दिखाया है।
जनजातीय क्षेत्र पांगी के धरवास गांव में पेटिंग करती चंबा की ज्योति नाथ