चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड गायक अपनी आवाज का जादू बिखेेरेंगे। इसके अलावा पंजाबी गायक मास्टर सलीम, अफसाना खान और नितिका गांधी भी श्रोताओं का मनोरंजन करेंगी।
बचत भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने दी। इस दौरान एसपी अभिषेक यादव भी मौजूद रहे। मेले में तीन बॉलीवुड, तीन पंजाबी सांस्कृतिक संध्याएं होंगी। हर सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल के प्रमुख कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। जिला चंबा सहित प्रदेश के अन्य जिलों से 22 हिमाचली कलाकार लोगों का मनोरंजन करेंगे। इस बार मेले में अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियां शामिल करने का प्रयास भी किया जा रहा है। प्रथम सांस्कृतिक संध्या बलिदानियों के नाम होगी। इसमें जिले के विभिन्न हिस्सों के बलिदानियों के परिजनों, वीर नारियों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा।
500 पुलिस कर्मी रहेंगे तैनात, बारगाह मैदान में होगी पार्किंग
एसपी अभिषेक यादव ने बताया कि सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के दृष्टिगत मिंजर मेला क्षेत्र को 3 सेक्टरों में बांटा गया है। पहला सेक्टर चौगान नंबर 1, दूसरा सेक्टर चौगान नंबर 1 से 5 और तीसरा सेक्टर ट्रैफिक और पार्किंग निर्धारित किया गया है। मेले में 500 सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 225 पुलिस कर्मी जिले के बाहर से लगाए गए हैं। 150 होमगार्ड जवान भी ड्यूटी देंगे। पार्किंग की सुविधा पुलिस मैदान बारगाह में की गई है। भरमौर चौक से इरावती चौक तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की पार्किंग पर पाबंदी होगी। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर विभिन्न प्रकार के सुरक्षा दस्ते तैनात किए गए हैं।
सुल्तानपुर, बालू और हरदासपुर में बनेंगे बैरियर
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के उद्देश्य से सुल्तानपुर, बालू और हरदासपुर में बैरियर स्थापित किए गए हैं, जिससे हर स्थिति में यातायात व्यवस्था नियंत्रित रहे। आवश्यकता पड़ने पर किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा जा सके। इसके अलावा विशेष निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इसके लिए चौगान में ही नियंत्रण का स्थापित किया गया है। संवाद
प्रतिबंधित पालिथीन का प्रयोग करने पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को निर्देश दिए हैं कि मिंजर मेले के दौरान चौगान में पालिथीन का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके लिए नियमित रूप से अधिकारी नियमित निरीक्षण करें।