ड्यूटी पर तैनात वनरक्षक से मारपीट करने तथा देवदार के हरे पेड़ों से बालन काटने का आरोप साबित होने पर पांगी निवासी दो लोगों को छह-छह माह की कैद और एक-एक हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एलडी सीजेएम राजिंद्र सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनाया। यह मामला वन विभाग पांगी में लुज वन क्षेत्र के बनवास बीट के वनरक्षक वीरेंद्र कुमार ने दो लोगों खेमचंद पुत्र दीवान चंद गांव विस्तो व हेमराज पुत्र किशन चंद गांव धरवास निवासी पांगी के खिलाफ दर्ज करवाया था। वनरक्षक ने आरोप लगाए थे कि 18 सितंबर, 2008 को खेम चंद और हेमराज देवदार के पेड़ों से ताजी काटी गई लकड़ी खच्चरों पर लाद कर ले जा रहे थे। इस पर वनरक्षक ने कार्रवाई की तो दोनों वन काटुओं ने काटी गई लकड़ी उनकी होने का दावा किया। इस जब वन रक्षक ने अवैध कटान के आरोप में डैमेज रिपोर्ट काटने की बात कही तो दोनों ने वनरक्षक की धुनाई कर दी। सात साल तक चंबा अदालत में मामले की सुनवाई के बाद जिला उप न्यायवादी विजय चौधरी की पैरवी में दोनों आरोपियों पर दोष साबित हुए।