चुवाड़ी (चंबा)। सिविल अस्पताल चुवाड़ी में गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद लंबे अरसे से खाली होना इसकी मुख्य वजह है। गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 70 किलोमीटर का सफर तयकर टांडा मेडिकल कॉलेज या पठानकोट जाना पड़ रहा है। अस्पताल में लाखों की लागत से खरीदी अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है।
भटियात क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं या फिर पेट से पीड़ित मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए रविवार को भी टांडा मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ा। मरीजों को सरकारी अस्पताल में निशुल्क होने वाले अल्ट्रासाउंड की एवज में निजी अस्पतालों में 1,000 से 1,200 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। मरीज देवी, आरती देवी, पिंकी देवी, कौशल्या देवी, रीता देवी, सीमा देवी, शीला देवी, अशोक कुमार और विपिन कुमार आदि का कहना है कि सिविल अस्पताल चुवाड़ी पर कामला, सिहुंता, नगर पंचायत चुवाड़ी, बिन्ना, गरनोटा, समोट, रजैं, मौतला, मोरठू सहित 71 पंचायतों की 80 हजार की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर है, लेकिन अल्ट्रासाउंड की सहूलियत न होना उनका मर्ज बढ़ा रहा है। उन्होंने मांग की है किजल्द अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू की जाए।
अल्ट्रासाउंड की मशीनें तो स्थापित हैं। रेडियालॉजिस्ट की तैनाती को लेकर सरकार और विभागीय उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। पद भरने के बाद ही अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू की जाएगी। डॉ. विपिन ठाकुर, सीएमओ, चंबा